कांग्रेस नेताओं पर FIR का विरोध : ढिल्लो ने कार्रवाई पर उठाए सवाल | संवाद से समाधान की मांग
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला छावनी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई उचित नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी अंबाला छावनी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ढिल्लो ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों और जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाना विपक्ष के साथ प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
अंबाला छावनी स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने गुरुग्राम में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद दर्ज किए गए मामलों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ढिल्लो ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और असहमति व्यक्त करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए।
ढिल्लो ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन को लेकर प्रशासन को कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई आपत्ति थी तो बातचीत के माध्यम से उसका समाधान निकाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि एफआईआर और गिरफ्तारी किसी राजनीतिक या जनहित से जुड़े मुद्दे का समाधान नहीं हो सकती।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है और विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने से नहीं रोका जा सकता।
परविंदर सिंह ढिल्लो ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार की नीतियों से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे। जनता की समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखना विपक्ष की जिम्मेदारी है और पार्टी इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका होती है। सरकार की नीतियों से असहमति होने पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसे मामलों में प्रशासन को टकराव के बजाय संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को विरोध की आवाज दबाने के बजाय संबंधित मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए और जनहित से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि एफआईआर या गिरफ्तारी के डर से कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। पार्टी जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएगी।
Editor: शिवानी राजपूत



