बल प्रयोग हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे सफाई कर्मचारी : मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी | 17 मांगों पर आदेश जारी न होने का आरोप

नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार को नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों की बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और साफ किया कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों ने कहा कि यदि प्रशासन पुलिस बल की मदद से कचरा उठाने का प्रयास करता है तो वे भी अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
बैठक के दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामड ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में पुलिस बल की मौजूदगी में कचरे का उठान कराया गया है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता।
रमेश तुषामड ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और जब तक उनका समाधान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि सरकार के साथ हुई बातचीत में कर्मचारियों को ठोस निर्णय के बजाय केवल आश्वासन मिले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार को हुई बैठक में संबंधित विभाग के मंत्री भी नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी केवल आश्वासन के आधार पर हड़ताल समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। सरकार को जिन मांगों पर सहमति बनी है, उनके संबंध में लिखित आदेश और नोटिफिकेशन जारी करने चाहिए।
रमेश तुषामड ने कहा कि सरकार की ओर से यह प्रचार किया जा रहा है कि कर्मचारियों की कई मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन संघ का आरोप है कि स्वीकार की गई मांगों को लागू करने के लिए आवश्यक आदेश अभी तक जारी नहीं किए गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि 13 मई को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते में कुल 22 मांगों में से 17 मांगों को स्वीकार किया गया था। इन मांगों को लागू करने के लिए संबंधित आदेश जारी किए जाने थे, लेकिन संघ के मुताबिक अभी तक आवश्यक पत्र जारी नहीं किए गए।
रमेश तुषामड ने आरोप लगाया कि अब उन्हीं मांगों को दोबारा ‘सैद्धांतिक सहमति’ बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को केवल मौखिक सहमति नहीं, बल्कि मांगों को लागू करने के लिए सरकार की ओर से स्पष्ट और लिखित आदेश चाहिए।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान बल प्रयोग कर कचरा उठाने का प्रयास किया जाता है तो कर्मचारी भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों के परिवार भी इस संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं।
बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल का उद्देश्य अपनी लंबित मांगों को लागू करवाना है। जब तक सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन समाप्त करने का सवाल नहीं है।
फतेहाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था पहले से प्रभावित है। ऐसे में कर्मचारी संगठन के इस रुख के बाद प्रशासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध जारी रहने की संभावना है। अब नजर सरकार और कर्मचारी संगठन के बीच होने वाली अगली बातचीत पर रहेगी।
Editor: गरिमा बागोतिया



