गंदगी के खिलाफ धरना : जवाहर चौक पर जुटे लोग | सोमवार से आंदोलन की चेतावनी

प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिगड़ी सफाई व्यवस्था के विरोध में अब आम लोग, पार्षद और सामाजिक संगठन भी सड़कों पर उतर आए हैं। फतेहाबाद के जवाहर चौक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों ने सांकेतिक धरना शुरू किया। धरने पर बैठे लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार से लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फतेहाबाद में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होने की बात सामने आ रही है। इसी समस्या को लेकर जवाहर चौक में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग, स्थानीय नागरिक और पार्षद एकत्रित हुए तथा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज का धरना सांकेतिक है और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था की ओर दिलाना है।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि यदि सरकार ने इसके बाद भी समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सोमवार से लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच चल रहे विवाद का असर अब सीधे आम लोगों पर पड़ रहा है। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा होने के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। लंबे समय तक कचरा नहीं उठने से दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ने की आशंका जताई गई।
धरनारत लोगों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर समय रहते बातचीत की जानी चाहिए थी। उनका कहना है कि कर्मचारियों के अनुसार मई महीने में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें लागू करने की दिशा में सरकार को कदम उठाना चाहिए।
लोगों ने कहा कि सफाई व्यवस्था किसी एक कर्मचारी वर्ग का मुद्दा नहीं रह गई है। कचरे के ढेरों के कारण पूरा शहर प्रभावित हो रहा है और इसका सीधा असर आम नागरिकों, दुकानदारों तथा बाजारों में आने वाले लोगों पर पड़ रहा है। इसलिए सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाना जरूरी है।
धरने में शामिल सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था बहाल करवाने के लिए वे कर्मचारियों के मुद्दे के समाधान की मांग कर रहे हैं। यदि सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया तो सामाजिक संगठन और आम नागरिक आंदोलन को और व्यापक करेंगे।
इस दौरान जगजीवनपुरा के पार्षद मोहन लाल नारंग भी धरने में मौजूद रहे। वे सफाई कर्मचारियों के समर्थन और नगर परिषद की व्यवस्था को लेकर अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर चुके हैं। धरने के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे।
मोहन लाल नारंग ने कहा कि नगर परिषद की मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया है और वह अपना फैसला नहीं बदलेंगे। उनके इस रुख के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहे आंदोलन में पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है।
समाजसेवी राजेंद्र चौधरी ने भी शहर में फैली गंदगी और सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर अपना पक्ष रखा। धरने में शामिल लोगों ने सरकार से कर्मचारियों के साथ बातचीत कर जल्द समाधान निकालने और शहर में सफाई व्यवस्था सामान्य करवाने की मांग की।
फिलहाल जवाहर चौक में एक दिन का सांकेतिक धरना देकर सरकार को चेतावनी दी गई है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सोमवार से आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा और लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
Editor: गरिमा बागोतिया



