खापों ने मंत्री के सामने रखीं मांगें : दो दर्जन से अधिक खापों की बैठक | कानूनी पहलुओं पर होगा मंथन | सरकार के सामने रखेंगे मुद्दे

अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला में शनिवार को दो दर्जन से अधिक खापों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ बैठक की। इस दौरान खाप प्रतिनिधियों ने समाज, परिवार और विवाह व्यवस्था से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दे मंत्री के सामने रखे। मंत्री ने कहा कि इन मांगों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विशेषज्ञों की राय लेने के बाद इन्हें मुख्यमंत्री और सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।
खाप प्रतिनिधियों ने बताया कि 12, 13 और 14 जून को तीन दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में परिवारों में बढ़ती दूरी, सामाजिक व्यवस्था, विवाह और आपसी भाईचारे सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई थी। इसी मंथन के बाद कुछ मुद्दों को सरकार के सामने रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रतिनिधियों ने लिव-इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता नहीं देने की मांग रखी। इसके अलावा एक गांव और एक ही गोत्र में विवाह पर रोक, विवाह की मौजूदा कानूनी आयु में बदलाव नहीं करने तथा प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति को जरूरी करने की मांग भी उठाई गई। पांचवीं मांग भी विवाह और सामाजिक व्यवस्था से जुड़े कानूनी प्रावधान में बदलाव से संबंधित बताई गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि इन विषयों का सीधा संबंध परिवार और सामाजिक व्यवस्था से है, इसलिए इनके सामाजिक पक्ष पर भी विचार किया जाना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि ये विषय संवेदनशील होने के साथ कानूनी पहलुओं से भी जुड़े हैं। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कानून के जानकारों से चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय से जुड़े कानूनी विशेषज्ञों और कानून के प्राध्यापकों से भी इन विषयों पर राय ली जाएगी।
बेदी ने कहा कि मौजूदा कानून और न्यायालयों के फैसलों को ध्यान में रखते हुए ही आगे बढ़ना होगा। कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने के बाद खाप प्रतिनिधियों की मांगों को मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां कानून सरकार को किसी प्रकार की अनुमति नहीं देता, वहां सरकार की भी अपनी सीमाएं होती हैं। इसलिए सभी पहलुओं की पड़ताल जरूरी है।
मंत्री ने बताया कि खाप प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल 18 अगस्त को मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुका है। इसके बाद इन मांगों पर अलग से विस्तारपूर्वक चर्चा करने और पहले कानूनी स्थिति समझने का निर्णय लिया गया।
कृष्ण कुमार बेदी ने खापों की ओर से आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर की सराहना करते हुए कहा कि समाज में एकता, समरसता और भाईचारा मजबूत करने के लिए संवाद जरूरी है। बदलती जीवनशैली के बीच परिवारों और समाज के सामने आने वाली चुनौतियों पर सामूहिक रूप से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों और अन्य गतिविधियों के साथ शिक्षा एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता मिलनी चाहिए। समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ने से आपसी दूरियां कम करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में सर्वजातीय पंचायत हरियाणा और विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों के अलावा जाट सभा, सैनी सभा, ब्राह्मण सभा सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी मांगों का उद्देश्य किसी समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि परिवार, सामाजिक व्यवस्था और आपसी भाईचारे से जुड़े विषयों पर सरकार के सामने अपना पक्ष रखना है।
Editor: State Desk



