सफाई कर्मियों की हड़ताल जारी : सरकार से बैठक बेनतीजा | पक्का करने पर फंसा मामला | अब मुख्यमंत्री से होगी वार्ता

सफाई कर्मचारी यूनियन और प्रदेश सरकार के बीच शनिवार को हुई बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। पहले करीब दो घंटे और इसके बाद दोबारा करीब आधे घंटे चली बातचीत के बाद यूनियन ने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों को पक्का करने सहित प्रमुख मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब यूनियन मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें उनके सामने रखेगी।
नरेश शास्त्री ने बताया कि बैठक में यूनियन ने कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को सरकार के सामने रखा। सबसे बड़ा गतिरोध सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर रहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सफाई कर्मियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त करना और समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका प्रथा के कारण कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई कर्मचारियों को लंबे समय तक वेतन नहीं मिल पाता और कुछ मामलों में छह महीने तक वेतन लंबित रहने की स्थिति बनती है। उन्होंने मांग की कि सरकार ठेका व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करे।
शास्त्री ने आरोप लगाया कि ग्रुप सी और डी की भर्तियों में भी सफाई कर्मचारियों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों को पक्का करने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में फैसला नहीं हुआ। जब तक कर्मचारियों को पक्का करने और अन्य प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच विस्तार से बातचीत हुई है। उनके अनुसार यूनियन की 14 मांगों में से 13 पर सहमति बन चुकी है, जबकि कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर अभी सहमति नहीं बन पाई है।
बेदी ने कहा कि कर्मचारियों को पक्का करने के विषय में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसलों के साथ कानूनी पहलुओं को भी देखना जरूरी है। सरकार इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही आगे का निर्णय ले सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालना चाहती है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री फिलहाल बाहर हैं। उनके लौटने के बाद मामले को उनके समक्ष रखा जाएगा और यूनियन के साथ आगे की बातचीत की जाएगी। ऐसे में अब कर्मचारियों और सरकार के बीच अगली वार्ता पर नजर रहेगी।
बैठक के दौरान कुरुक्षेत्र में एक पत्रकार के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट का मामला भी मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के सामने उठाया गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह पुलिस अधीक्षक से मामले की जानकारी लेंगे। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की जानबूझकर की गई गलत कार्रवाई सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सफाई कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया है। सरकार और कर्मचारियों के बीच मुख्य गतिरोध कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर बना हुआ है। अब मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बातचीत के बाद ही आंदोलन की आगे की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
Editor: State Desk



