सफाई कर्मियों की वार्ता बेनतीजा : कई मांगों पर मतभेद | दो घंटे चली बैठक | फिर बातचीत का न्योता

जिमखाना क्लब में शनिवार को सफाई कर्मचारी यूनियन और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के बीच हुई बैठक का पहला दौर बेनतीजा रहा। करीब दो घंटे तक चली वार्ता में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई, लेकिन कई मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी बाहर आ गए। इसके बाद एसडीएम अमन कुमार यूनियन पदाधिकारियों को मनाने के लिए पहुंचे।
सफाई कर्मचारी यूनियन के स्टेट प्रधान नरेश शास्त्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सरकार और यूनियन के बीच कर्मचारियों की मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कुछ मांगों को लेकर बातचीत आगे बढ़ी, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद बरकरार रहे। उनका कहना है कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार इन पर ठोस फैसला ले।

नरेश शास्त्री ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी बैठक से उठकर चले गए। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी भी बैठक से बाहर आ गए। पहले दौर की बातचीत में कोई अंतिम सहमति नहीं बनने के कारण कर्मचारियों में असंतोष दिखाई दिया।

बैठक समाप्त होने के बाद एसडीएम अमन कुमार यूनियन पदाधिकारियों के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। इसी बीच मंत्री की ओर से यूनियन को दोबारा वार्ता के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने का फैसला किया।
नरेश शास्त्री ने कहा कि यूनियन बातचीत के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान चाहती है। सरकार की ओर से दोबारा बातचीत का न्योता मिलने के बाद पदाधिकारी फिर बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन की कोशिश रहेगी कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार के साथ सहमति बने और लंबे समय से चल रहे आंदोलन का समाधान निकले।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों और मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है, लेकिन कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय होना जरूरी है। केवल आश्वासन मिलने से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
यूनियन नेताओं के अनुसार सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के साथ पहले भी मांगों को लेकर बातचीत होती रही है। कर्मचारियों की अपेक्षा है कि इस बार बातचीत में लंबित मुद्दों पर फैसला लिया जाए और उनकी मांगों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब दूसरे दौर की बैठक पर कर्मचारियों की नजर टिकी है। यूनियन का कहना है कि यदि सरकार के साथ मांगों पर सहमति बन जाती है तो आंदोलन को लेकर आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। यदि सहमति नहीं बनती है तो यूनियन अपने आंदोलन को आगे जारी रखने पर फैसला ले सकती है।
नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनकी प्राथमिकता बातचीत से समाधान निकालना है। इसके बावजूद कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। दूसरे दौर की वार्ता के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच मांगों को लेकर सहमति बनती है या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
Editor: गरिमा बागोतिया



