वंदे मातरम् पर कांग्रेस को घेरा : 1937 की गलती का लगाया आरोप | रविदास अधिवेशन में पहुंचे मेघवाल

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। कुरुक्षेत्र में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ की ओर से आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचे मेघवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्ष 1937 में वंदे मातरम् को लेकर गलती की थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से सुधारने का काम किया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस तुष्टीकरण के चलते उसी गलती को दोहरा रही है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि वंदे मातरम् देश से जुड़ा विषय है और इसे गाने में आखिर आपत्ति क्या है। उन्होंने कहा कि पूरा देश वंदे मातरम् गा रहा है और इसे लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
मेघवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 1937 में पार्टी ने वंदे मातरम् को लेकर जो निर्णय लिया था, वह गलत था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के माध्यम से उस ऐतिहासिक विषय को सामने रखते हुए सुधार का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण पुराने रुख को दोहरा रही है।
केंद्रीय मंत्री श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास की शिक्षाओं, सामाजिक समरसता और देशभर में उनकी 650वीं जयंती को लेकर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों पर अपनी बात रखी।
मेघवाल ने कहा कि गुरु रविदास की 650वीं जन्म जयंती को पूरे देश में ‘प्रकट उत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलेंगे। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास ने समाज को समानता, सद्भावना, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक गुरु रविदास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जहां गुरु रविदास के मंदिर हैं, वहां पूजा-अर्चना के साथ कलश यात्राएं निकाली जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर गुरु रविदास के मंदिर नहीं हैं, वहां दूसरे मंदिरों में भी विभिन्न समाजों के लोग एकत्रित होकर गुरु रविदास की आरती और पूजा कर रहे हैं। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।
मेघवाल ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने से समाज में समानता और भाईचारे की भावना और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व संविधान के मूल भाव हैं और सामाजिक समरसता के ऐसे कार्यक्रम इन मूल्यों को मजबूती प्रदान करते हैं।
राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान सामाजिक एकता और संत गुरु रविदास के विचारों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने लोगों से संत रविदास की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने और समाज में सद्भाव तथा भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
Editor: शिवानी राजपूत



