कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान : जिला से बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर | नए नेतृत्व की तलाश

कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिला कांग्रेस समितियों को मजबूत करने के साथ नए नेतृत्व के चयन, कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। एआईसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पूर्व पदाधिकारियों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर संगठन के लिए उपयुक्त नेतृत्व की तलाश करेंगे।
कांग्रेस के अनुसार अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हैदराबाद अधिवेशन के बाद संगठन सृजन अभियान की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य जिला कांग्रेस समितियों को मजबूत और जवाबदेह बनाने के साथ ऐसा संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है, जो जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ा रहे।
अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों के चयन, नियुक्ति और सशक्तिकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए नियुक्त पर्यवेक्षक जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े विभिन्न वर्गों के लोगों से चर्चा करेंगे। इस दौरान ऐसे नेतृत्व की पहचान पर जोर रहेगा, जो सक्रिय और संगठन के प्रति प्रतिबद्ध होने के साथ कार्यकर्ताओं को साथ लेकर काम कर सके।
पार्टी की ओर से जिला कांग्रेस समितियों की कार्यकारिणी के पुनर्गठन पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर से जुड़े मुद्दों पर संगठन की राजनीतिक भूमिका को मजबूत करना और जिला स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना है।

जिला कांग्रेस समितियों के पुनर्गठन के बाद अभियान को ब्लॉक, मंडल और ग्राम स्तर तक ले जाने की योजना है। कांग्रेस का लक्ष्य जमीनी स्तर तक संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करना और कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाना है। बूथ स्तर तक पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।
कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान को केवल संगठनात्मक पुनर्गठन तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी इसे राजनीतिक और वैचारिक अभियान के रूप में भी आगे बढ़ाने की बात कह रही है। कांग्रेस के अनुसार भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान मिले संदेश को संगठनात्मक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक वर्ग, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व के अवसर देने पर जोर दिया गया है। पार्टी का कहना है कि संगठन में अलग-अलग वर्गों की भागीदारी बढ़ाकर जमीनी स्तर पर मजबूत नेतृत्व तैयार किया जाएगा।
कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र के शुभचिंतकों से संगठन सृजन अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। अभियान के दौरान ऐसे नेताओं की पहचान की जाएगी, जो कांग्रेस के मूल्यों में विश्वास रखने के साथ कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सक्रिय हों तथा संगठन का नेतृत्व करने में सक्षम हों।
एआईसीसी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों को कार्यकर्ताओं और विभिन्न वर्गों से संवाद के बाद निर्धारित समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर संगठन के पुनर्गठन और नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
Editor: शिवानी राजपूत



