त्योहारी सीजन में साइबर ठगी का खतरा : व्हाट्सएप ऑटो-डाउनलोड रखें बंद | फर्जी लिंक से रहें सावधान | 1930 पर करें शिकायत

रक्षाबंधन के त्योहारी सीजन में व्हाट्सएप पर आने वाले बधाई संदेशों, आकर्षक ऑफर और संदिग्ध लिंक के जरिए साइबर ठगी का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने आमजन के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से अनजान नंबर से आने वाले लिंक, फाइल और एपीके को बिना जांचे नहीं खोलने तथा व्हाट्सएप की मीडिया ऑटो-डाउनलोड सेटिंग बंद रखने की सलाह दी है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में बधाई संदेश भेजे जाते हैं। साइबर अपराधी इसी का फायदा उठाकर शुभकामना संदेशों के साथ संदिग्ध लिंक, फाइल या एपीके भेज सकते हैं। इन पर क्लिक करने या फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल में मौजूद निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से व्हाट्सएप का मीडिया ऑटो-डाउनलोड बंद रखना उपयोगी कदम है। इसके लिए व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर स्टोरेज और डेटा विकल्प में मीडिया ऑटो-डाउनलोड की सेटिंग नियंत्रित की जा सकती है। मोबाइल डेटा, वाई-फाई और रोमिंग के दौरान फोटो, ऑडियो, वीडियो और डॉक्यूमेंट को अपने आप डाउनलोड होने से रोकने के लिए संबंधित विकल्प बंद किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग आकर्षक ऑफर, इनाम, नौकरी, बैंक अपडेट, गिफ्ट या अन्य जरूरी सूचना के नाम पर फर्जी लिंक भेज सकते हैं। किसी अनजान नंबर से आए संदेश, लिंक या फाइल को बिना उसकी सत्यता जांचे खोलने से बचना चाहिए। विशेष रूप से संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करनी चाहिए।
किसी बैंक, सरकारी विभाग या निजी संस्था के नाम से संदेश आने पर उसमें दिए गए संदिग्ध लिंक पर सीधे क्लिक करने के बजाय संबंधित संस्था के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते, एटीएम या कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने लोगों को अपने मोबाइल फोन और व्हाट्सएप को समय-समय पर अपडेट रखने तथा मजबूत स्क्रीन लॉक और उपलब्ध सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। यदि कोई व्यक्ति बैंक कर्मचारी या किसी सरकारी अथवा निजी संस्था का प्रतिनिधि बनकर निजी या बैंकिंग जानकारी मांगता है तो उसकी पहचान की पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यदि गलती से किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक हो जाए या कोई संदिग्ध फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत किसी भरोसेमंद अभिभावक या परिवार के सदस्य को इसकी जानकारी दें। साइबर ठगी होने की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जल्द शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। समय पर शिकायत करने से आवश्यक कार्रवाई करने और आर्थिक नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव में सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण है। रक्षाबंधन के अवसर पर आने वाले किसी बधाई संदेश, ऑफर, इनाम या गिफ्ट के लालच में जल्दबाजी में कोई लिंक नहीं खोलें और निजी जानकारी साझा न करें। संदेश भेजने वाले की पहचान तथा लिंक या फाइल की सत्यता की जांच करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।
पुलिस की ओर से लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध एपीके या दूसरी फाइल डाउनलोड नहीं करने, व्हाट्सएप की ऑटो-डाउनलोड सेटिंग नियंत्रित रखने, ओटीपी और पासवर्ड गोपनीय रखने तथा बैंक या संस्था के नाम से आए संदिग्ध संदेश की आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
Editor: गरिमा बागोतिया



