अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर : 5 एकड़ में कार्रवाई | सड़कें-डीपीसी तोड़ी | खरीद-फरोख्त से बचने की अपील

नियंत्रित क्षेत्र में पड़ने वाले राजस्व संपदा मौजा शाहपुर, तहसील व्यासपुर में विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग ने जिला प्रशासन की सहायता से तोड़फोड़ की कार्रवाई की। करीब पांच एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही इस कॉलोनी में बनाई गई कच्ची सड़कों और डीपीसी को तोड़ा गया। विभाग ने आमजन से अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की खरीद-फरोख्त नहीं करने की अपील की है।
उपायुक्त प्रीति के आदेश पर जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम प्रशासन और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान जिला नगर योजनाकार राजेश कुमार अपने स्टाफ के साथ मौजूद रहे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकारी अभियंता व्यासपुर जगमीत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।

इसके अलावा थाना प्रबंधक, राज्य प्रवर्तन ब्यूरो यमुनानगर भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की मौजूदगी में जिला नगर योजनाकार विभाग ने अनधिकृत कॉलोनी में विकसित किए जा रहे निर्माण और बुनियादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
जिला नगर योजनाकार विभाग के अनुसार संबंधित अनधिकृत कॉलोनी का क्षेत्रफल लगभग पांच एकड़ है। कार्रवाई के दौरान कॉलोनी के अंदर बनाई गई सभी कच्ची सड़कों को तोड़ा गया। इसके साथ ही प्लॉटों अथवा निर्माण के लिए बनाई गई डीपीसी को भी ध्वस्त किया गया।
जिला नगर योजनाकार राजेश कुमार ने बताया कि संबंधित चूककर्ताओं को कंट्रोल एरिया एक्ट नंबर 12 की उपधारा 2 ऑफ 1963 के तहत नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे। विभाग की ओर से संबंधित लोगों को नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था।
उन्होंने बताया कि नोटिस जारी होने के बावजूद चूककर्ताओं की ओर से विभागीय आदेशों की पालना नहीं की गई। इसके अलावा भू-मालिकों द्वारा कॉलोनी विकसित करने से पहले विभाग से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई थी। इसी के चलते अनधिकृत कॉलोनी और निर्माण के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
विभाग ने स्पष्ट किया कि नियंत्रित क्षेत्र में नियमों और आवश्यक अनुमति के बिना कॉलोनी विकसित नहीं की जा सकती। कॉलोनी विकसित करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक स्वीकृति लेना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला नगर योजनाकार राजेश कुमार ने आमजन से अपील की कि किसी भी अवैध अथवा अनधिकृत कॉलोनी में प्लॉट खरीदने या बेचने से बचें। प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वैधता और आवश्यक विभागीय अनुमति की जानकारी जरूर प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कोई व्यक्ति अवैध कॉलोनी विकसित करता या अनधिकृत निर्माण करता पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। जिला प्रशासन और नगर योजनाकार विभाग की ओर से भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों एवं अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
Editor: गरिमा बागोतिया



