कचरा प्रबंधन पर सख्ती : घरों से अलग उठेगा गीला-सूखा कचरा | वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर | बायोगैस प्लांट की तैयारी

उपायुक्त प्रीति ने ठोस कचरा एवं अवशिष्ट प्रबंधन को लेकर नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ठोस कचरे का उचित निस्तारण पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के लिए बेहद जरूरी है। बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण कचरे की समस्या को देखते हुए समय रहते वैज्ञानिक तरीके से इसके निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घरों से ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करना सुनिश्चित किया जाए। घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ लोगों को स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि कचरे को केवल अपशिष्ट मानने के बजाय उसके पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने कचरा प्रबंधन केंद्रों की नियमित निगरानी करने और खुले में कचरा डालने पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण से जहां स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण और उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपायुक्त प्रीति ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। लोगों को कचरा इधर-उधर नहीं डालना चाहिए और घर से निकलने वाले गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखना चाहिए। इसके लिए जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
इसी क्रम में उपायुक्त ने जिले में प्रस्तावित बायोगैस प्लांट को लेकर पेट्रोलियम कंपनी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ अलग बैठक की। उन्होंने कहा कि जिले के लिए बायोगैस प्लांट वर्तमान समय की जरूरत है। इसके माध्यम से जैविक कचरे का उपयोग कर बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्लांट में एकत्रित गीले कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपचारित कर जैविक पदार्थों से बायोगैस तैयार की जाएगी। इससे निकलने वाली मीथेन गैस का इस्तेमाल ऊर्जा के रूप में किया जा सकेगा। इसके साथ तैयार होने वाली जैविक खाद किसानों के उपयोग में लाई जा सकेगी। इस व्यवस्था से कचरे के निस्तारण के साथ उपयोगी संसाधन भी तैयार होंगे।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित प्लांट को लेकर आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ लोगों को जैविक कचरे के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि ठोस कचरे का समुचित प्रबंधन नहीं किया गया तो इससे गंदगी और पर्यावरण संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए कचरे का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद, अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा, सीएमजीजीए अभिश्रुति, नगर निगम के सहायक आयुक्त धीरज कुमार, भारत पेट्रोलियम लिमिटेड के अधिकारी संजय ठाकुर, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता प्रवीण गुप्ता, कार्यकारी अभियंता सौरभ कुमार, दिनेश गाबा, राहिल सैनी, डीआईपीआरओ डॉ. मनोज कुमार, नरेश काम्बोज सहित विभिन्न गांवों के सरपंच एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Editor: शिवानी राजपूत



