कम्युनिकेशन स्किल्स से बढ़ा आत्मविश्वास : तीन दिवसीय वर्कशॉप | व्यक्तित्व विकास पर जोर | करियर के लिए मिले टिप्स

महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय जगाधरी के कंप्यूटर विभाग और मैनेजमेंट विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीसीए एवं बीबीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तीन दिवसीय कम्युनिकेशन स्किल्स वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन प्रोफेसर रणदीप की अध्यक्षता में हुआ। तीन दिनों तक विद्यार्थियों को प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक जीवन में बेहतर संचार के महत्व से अवगत कराया गया।
वर्कशॉप के समापन समारोह में कॉलेज प्राचार्या डॉ. करुणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक संचार कौशल विकसित करना था। वर्तमान समय में शैक्षणिक योग्यता के साथ प्रभावी संवाद क्षमता भी विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

डॉ. करुणा ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। ऐसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने के साथ उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
कंप्यूटर विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रणदीप ने कहा कि कम्युनिकेशन स्किल्स विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, साक्षात्कार, कार्यस्थल और भविष्य के व्यावसायिक जीवन के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वर्कशॉप के दौरान वक्ताओं ने मौखिक एवं अमौखिक संवाद के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि बातचीत के दौरान शब्दों के चयन के साथ हाव-भाव, आत्मविश्वास और अपनी बात को स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत करना भी महत्वपूर्ण होता है। प्रभावी संवाद के लिए इन सभी पहलुओं को समझना आवश्यक है।
कार्यशाला में सक्रिय श्रवण के महत्व पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि बेहतर कम्युनिकेशन केवल अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामने वाले व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुनना और समझना भी उतना ही आवश्यक है। सक्रिय श्रवण से संवाद को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
वक्ताओं ने आत्मविश्वासपूर्ण अभिव्यक्ति पर भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्हें बताया गया कि शैक्षणिक जीवन के दौरान विकसित की गई बेहतर संवाद क्षमता आगे चलकर साक्षात्कार, कार्यस्थल और व्यावसायिक जीवन में उपयोगी साबित होती है। अपनी बात को स्पष्ट और आत्मविश्वास के साथ रखने की क्षमता विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने में मदद करती है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता के महत्व से भी परिचित कराया गया। बेहतर संवाद के माध्यम से टीम के सदस्यों के बीच तालमेल स्थापित करने और सामूहिक रूप से किसी लक्ष्य की दिशा में काम करने की क्षमता विकसित होती है। विद्यार्थियों को इन कौशलों को अपने दैनिक और शैक्षणिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
तीन दिवसीय वर्कशॉप विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रही। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कम्युनिकेशन स्किल्स के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला। साथ ही उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क की भावना को बढ़ावा मिला।
महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इस प्रकार की गतिविधियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। कम्युनिकेशन स्किल्स विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती हैं, बल्कि रोजगार और प्रोफेशनल जीवन में भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती हैं।
कार्यशाला के सफल आयोजन में शीतल, शालू, रमनप्रीत, गरिमा और मंजू का महत्वपूर्ण योगदान रहा। तीन दिवसीय आयोजन के समापन पर विद्यार्थियों को कार्यशाला में सीखी गई बातों को अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
Editor: गरिमा बागोतिया



