निरंकारी मिशन का हरित अभियान : सिविल अस्पताल में स्वच्छता | बड़ी संख्या में पौधारोपण | पौधों की 5 साल तक होगी देखभाल

संत निरंकारी मिशन की ओर से ‘वननेस वन-प्रकृति के साथ समरसता’ प्रोजेक्ट के तहत रविवार को सिविल अस्पताल यमुनानगर में विशेष स्वच्छता एवं पौधारोपण अभियान चलाया गया। संयोजक बलदेव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित अभियान में सैकड़ों सेवादल के भाई-बहनों ने भाग लिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में विकसित वन की साफ-सफाई और देखरेख करने के साथ बड़ी संख्या में नए पौधे लगाए गए।
मिशन की ओर से बाबा हरदेव सिंह के संदेश ‘प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं’ को अभियान की प्रेरणा बताते हुए पर्यावरण के साथ मानवीय चेतना को भी स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। सेवादारों ने सामूहिक रूप से परिसर की सफाई की और पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।

संयोजक बलदेव सिंह ने बताया कि सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के आशीर्वाद से अगस्त 2021 में ‘वननेस वन’ पहल की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। पौधारोपण के साथ उनकी नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में विकसित होकर वृक्ष का रूप ले सकें।
संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों में अब तक करीब 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु और सेवादार पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में जुटे हुए हैं। अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक सहभागिता बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन की ओर से 23 अगस्त को अभियान का छठा चरण देशभर में चलाया गया। मिशन के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों सहित करीब 630 स्थानों पर एक साथ आयोजित गतिविधियों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया तथा लगभग 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया।
अभियान की खास बात यह है कि पौधारोपण के बाद भी मिशन की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होगी। लगाए गए पौधों की तीन से पांच वर्षों तक नियमित देखभाल और संरक्षण करने की योजना है। उद्देश्य पौधों को विकसित कर सघन लघु वनों का स्वरूप देना है, जिससे स्थानीय जैव विविधता और पर्यावरण को लाभ मिल सके।
यमुनानगर के सिविल अस्पताल में भी सेवादारों ने पहले से लगाए गए पौधों और वन क्षेत्र की साफ-सफाई एवं देखरेख की। इसके साथ नए पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों सेवादारों की भागीदारी रही।
मिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच पौधारोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक यदि प्रकृति के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
Editor: गरिमा बागोतिया



