नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान : तस्करों पर होगी कार्रवाई | मेडिकल स्टोरों की जांच

उपमंडल में नशे की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन ने विभिन्न विभागों को मिलकर व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह ने अपने कार्यालय में शिक्षा, पुलिस, पंचायती राज, स्वास्थ्य और नगर पालिका सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए कार्रवाई के साथ जनभागीदारी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
एसडीएम डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल प्रशासनिक कार्रवाई से संभव नहीं है। समाज के प्रत्येक वर्ग को इसके खिलाफ जागरूक करना होगा। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों और महाविद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखा जाए।
पुलिस विभाग को नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने कहा कि नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों पर नजर रखी जाए और जहां भी इस तरह की गतिविधि सामने आए, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही नशे की लत से प्रभावित लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से ऐसे लोगों तक पहुंचें और उन्हें डी-एडिक्शन सेवाओं का लाभ दिलाने का प्रयास करें।
स्वास्थ्य विभाग को नियमित डी-एडिक्शन एवं स्वास्थ्य जागरूकता कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोरों की जांच पर भी विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, दवाइयों के रिकॉर्ड और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जांच करने के साथ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एसडीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को अपने कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले भांग जैसे पौधों की पहचान करने और उन्हें नियमानुसार नष्ट करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सभी विभाग अपने स्तर पर जिम्मेदारी के साथ काम करें।
पंचायती राज संस्थाओं को गांवों में सरपंचों, पंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से नशा विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को खेलकूद एवं अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि उन्हें नशे से दूर रखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।
नगर पालिका अधिकारियों को खेल मैदानों, पार्कों और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। एसडीएम ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों का नशे के सेवन अथवा बिक्री के लिए दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इसके लिए नियमित निगरानी और जांच जरूरी है।
बैठक में ड्रग सप्लायरों की पहचान, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, मेडिकल स्टोरों की जांच, नशीले पौधों की पहचान और गांवों तथा शहरी क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में थाना प्रभारी साढौरा लखविंदर, नायब तहसीलदार साढौरा कुलदीप सिंह, बीडीपीओ साढौरा नेहा शर्मा, बीडीपीओ व्यासपुर शबनम रहलान, ग्राम सचिव बृजेश, राजकीय महाविद्यालय अहड़वाला से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नंदिनी और असिस्टेंट प्रोफेसर अनीता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
Editor: शिवानी राजपूत



