रक्षाबंधन पर रचनात्मक प्रतियोगिताएं : 60 छात्राओं ने लिया भाग | राखी-आभूषण बनाए

गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, संतपुरा में गृह विज्ञान एसोसिएशन की ओर से रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं के लिए राखी निर्माण, शगन लिफाफा, आभूषण निर्माण, थाली सजावट, उपहार पैकिंग और राखी स्वीट स्नैक्स सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। गृह विज्ञान एवं फैशन डिजाइनिंग की करीब 60 छात्राओं ने इनमें उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कॉलेज के निदेशक डॉ. वरिंदर गांधी और प्राचार्या डॉ. सुखविंदर कौर ने छात्राओं को इस तरह के रचनात्मक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों के साथ रचनात्मक कार्यक्रम छात्राओं को अपनी प्रतिभा और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं।
प्रतियोगिताओं के दौरान छात्राओं ने अपनी कल्पना और कला का उपयोग करते हुए अलग-अलग डिजाइन की राखियां तैयार कीं। इसके अलावा आकर्षक शगन लिफाफे, आभूषण और सजावटी थालियां बनाई गईं। उपहार पैकिंग में भी छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। राखी स्वीट स्नैक्स गतिविधि के माध्यम से पाक कला से जुड़े कौशल को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
गृह विज्ञान और फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हुए अपनी कला और हुनर का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना रहा।
छात्राओं द्वारा तैयार की गई वस्तुओं का मूल्यांकन डॉ. वंदना सिंह, संदीप कौर और डॉ. प्रभजोत कौर ने किया। उन्होंने छात्राओं के प्रयासों और उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए रचनात्मक कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. निरुपमा सैनी, डॉ. वंदना सिंह और संदीप कौर ने किया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने पारंपरिक त्योहार से जुड़ी वस्तुओं को अपनी रचनात्मकता के साथ तैयार किया।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी से उनमें आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशल भी विकसित होता है।
गृह विज्ञान एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से रक्षाबंधन के पारंपरिक स्वरूप को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। छात्राओं ने भी उत्साह के साथ भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
Editor: शिवानी राजपूत



