उद्यमिता में निरंतर प्रयास जरूरी : चुनौतियों से न घबराएं | छात्राओं को किया प्रेरित | अनुभव किए साझा

डीएवी गर्ल्स कॉलेज के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की ओर से विश्व उद्यमिता दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और वक्ताओं ने छात्राओं को उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईसी कनवीनर विवेक ने की, जबकि निशी ग्रोवर और डॉ. नताशा बजाज कार्यक्रम की को-ऑर्डिनेटर रहीं।
कार्यक्रम में बलराज हाइड्रो इंडस्ट्री के एमडी बलविंदर सिंह, मोटिवेशनल स्पीकर वंदना, कॉलेज की एल्युमनी एवं उद्यमी विश्वबाला बहल, अंजू गंभीर, मल्लिका और दमनप्रीत कौर ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने अनुभव छात्राओं के साथ साझा किए। वक्ताओं ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

बलविंदर सिंह ने कहा कि जीवन में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों से डरने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए। उन्होंने अपने व्यावसायिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कारोबार के दौरान उन्हें भी कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने से सफलता हासिल की जा सकती है।

मोटिवेशनल स्पीकर वंदना ने महिला सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमता और प्रतिभा पर विश्वास करना चाहिए। आत्मनिर्भर बनने के लिए सबसे पहले स्वयं पर भरोसा करना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं का सही इस्तेमाल कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
73 वर्षीय उद्यमी एवं कॉलेज की एल्युमनी विश्वबाला बहल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उम्र सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह इस उम्र में भी अपना व्यवसाय चला रही हैं और लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने छात्राओं से आत्मविश्वास बनाए रखने और परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानने का आह्वान किया।
अंजू गंभीर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन और लगातार प्रयास के माध्यम से ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपने लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने को कहा।
उद्यमी मल्लिका ने कहा कि नए उद्यम के माध्यम से सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए अपनी कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वह चित्रकारी के माध्यम से स्वावलंबी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
किड्स एंड मॉम की संचालिका दमनप्रीत कौर ने कहा कि महिलाओं को अपनी प्रतिभा और हुनर पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। आत्मनिर्भर बनने के लिए छोटे स्तर से शुरुआत करने में संकोच नहीं करना चाहिए। मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से महिलाएं अपने लिए नई राह बना सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की छात्राओं कीर्ति, पारूल, अंशिका और सताक्षी ने पीपीटी के माध्यम से उद्यमियों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों की जानकारी दी। छात्राओं ने उद्यम शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का लाइव टेलीकास्ट भी छात्राओं को दिखाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने, अपने कौशल को पहचानने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।
Editor: गरिमा बागोतिया



