Yamunanagar News | छात्राएं नए आइडिया से बनें आत्मनिर्भर : स्टार्टअप पर एक्सटेंशन लेक्चर | स्वरोजगार योजनाओं की दी जानकारी

डीएवी गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को स्टार्टअप और स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। कॉलेज के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को नए और उपयोगी विचारों को स्टार्टअप का रूप देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक रवि प्रकाश गोयला और इनोवेशन एंबेसडर पारूल सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल डॉ. सुरिंदर कौर, आईआईसी वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सुनीता कौशिक और कनवीनर विवेक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

रवि प्रकाश गोयला ने छात्राओं से कहा कि आज युवाओं के पास नए विचारों को व्यवसाय में बदलने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। छात्राओं को अपने नए और उपयोगी आइडिया पर काम करना चाहिए और उन्हें स्टार्टअप के रूप में विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। इससे वे रोजगार तलाशने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। अपना व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने छात्राओं को स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया और इसके लिए जरूरी तैयारियों की जानकारी दी।

डॉ. नताशा ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के पास व्यावहारिक कौशल भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि कॉलेज में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।
विवेक ने छात्राओं को शार्क टैंक का उदाहरण देते हुए समझाया कि एक छोटे से विचार को सही योजना, मेहनत और मार्गदर्शन के जरिए बड़े व्यवसाय में बदला जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को अपने आसपास की समस्याओं और जरूरतों को समझकर उनसे जुड़े नए व्यावसायिक विचार तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
इनोवेशन एंबेसडर पारूल सिंह ने वस्त्र उद्योग और घर में तैयार होने वाले खाद्य उत्पादों में स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर तैयार होने वाली रेसिपी और दूसरे उत्पादों को बेहतर गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और सही मार्केटिंग के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रोटोटाइप सत्यापन, मूल्य प्रस्ताव और किसी नए विचार की व्यावसायिक उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी स्टार्टअप को शुरू करने से पहले उसके उत्पाद या सेवा की बाजार में जरूरत और उपयोगिता को समझना जरूरी है।
इस दौरान अटल इनोवेशन मिशन के प्रोग्राम डायरेक्टर परमित दास और प्रोग्राम लीड दीपाली उपाध्याय के व्याख्यान का ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. परमेश कुमार और डॉ. शिखा ने सहयोग दिया।
कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं में नए विचार विकसित करने, व्यावहारिक कौशल बढ़ाने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की सोच पैदा करना है।
Editor: शिवानी राजपूत



