महंगाई से बिगड़ा बजट : जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़े | एथेनॉल नीति की समीक्षा की मांग | सरकार से राहत की अपील

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह राता ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने और आम जनता को राहत देने की मांग की है।
महेंद्र सिंह राता ने कहा कि चीनी, दाल, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवार की रसोई पर पड़ता है। परिवारों की आय सीमित होने के कारण रोजमर्रा के खर्च में होने वाली बढ़ोतरी से लोगों को दूसरी जरूरतों के खर्च में कटौती करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लगातार नजर रखते हुए ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
उन्होंने कहा कि महंगाई का सबसे अधिक असर गरीब, श्रमिक और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ता है। घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बिजली-पानी, परिवहन और अन्य खर्च पहले से ही परिवारों के बजट का बड़ा हिस्सा हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी लोगों की परेशानी को और बढ़ाती है।
राता ने विशेष रूप से चीनी की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह लगभग हर परिवार में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तु है। इसके दाम बढ़ने से सीधे तौर पर घरेलू खर्च बढ़ता है। उन्होंने मांग की कि सरकार गन्ने के इस्तेमाल और एथेनॉल उत्पादन से संबंधित अपनी नीतियों की समीक्षा करे तथा यह सुनिश्चित करे कि किसानों के हित सुरक्षित रहने के साथ आम उपभोक्ताओं पर भी अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों और उपभोक्ताओं के हित एक-दूसरे के विरोधी नहीं होने चाहिए। सरकार की नीति ऐसी होनी चाहिए जिसमें गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और बाजार में चीनी सहित आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता भी बनी रहे। उन्होंने कहा कि उत्पादन, आपूर्ति और कीमतों के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के मुद्दे पर महेंद्र सिंह राता ने कहा कि कई वाहन चालकों की ओर से माइलेज कम होने और वाहनों की कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर जांच की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर वाहन चालकों को परेशानी हो रही है तो सरकार को उसके समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की किसी भी नीति का उद्देश्य आम जनता को लाभ पहुंचाना होना चाहिए। एथेनॉल मिश्रण से जुड़े आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं के साथ उपभोक्ताओं तथा वाहन मालिकों की चिंताओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। लोगों के मन में यदि किसी नीति को लेकर सवाल हैं तो सरकार को तथ्यात्मक जानकारी देकर उनकी शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
महेंद्र सिंह राता ने कहा कि महंगाई केवल किसी एक वस्तु तक सीमित विषय नहीं है। परिवारों को रोजमर्रा की कई जरूरतों पर खर्च करना पड़ता है और इनमें एक साथ बढ़ोतरी होने पर घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। खासकर सीमित आय वाले परिवारों के लिए महीने का बजट संभालना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में परिवारों का खर्च सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है। त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री, कपड़े और दूसरी घरेलू जरूरतों की खरीद बढ़ने के कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ता है। ऐसे समय में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी आम लोगों की परेशानी और बढ़ा सकती है।
राता ने केंद्र सरकार से मांग की कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित समीक्षा की जाए। जहां जरूरत हो वहां आपूर्ति बढ़ाने सहित ऐसे कदम उठाए जाएं, जिनसे बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिले। उन्होंने कहा कि महंगाई से राहत केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर आम आदमी की रसोई और मासिक बजट में दिखाई देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को गरीब और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने महंगाई पर प्रभावी अंकुश लगाने, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने और एथेनॉल नीति से जुड़े उपभोक्ताओं के सवालों की समीक्षा कर उचित कदम उठाने की मांग की।
Editor: गरिमा बागोतिया



