पक्षियों के लिए 6 मंजिला आशियाना : 1500 पक्षियों को मिलेगा बसेरा | 60 फीट ऊंची संरचना | दाना-पानी का इंतजाम

इंसानों के साथ बेजुबान पक्षियों के संरक्षण की दिशा में गांव बिहाली में अनूठी पहल की गई है। बाबा सेवा दास मंदिर परिसर में महंत मंगलदास के सान्निध्य में पक्षियों के लिए छह मंजिला विशाल आशियाना तैयार किया गया है। करीब 60 फीट ऊंचे इस आशियाने में एक साथ लगभग 1500 पक्षियों के बसेरे की व्यवस्था की गई है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार आशियाने को इस तरह तैयार किया गया है कि पक्षियों को तेज धूप, आंधी और बरसात के दौरान सुरक्षित स्थान मिल सके। हर मंजिल पर पक्षियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह रखी गई है और उनके लिए दाना-पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

मंदिर सेवक समिति के सदस्य बाबू पहलाद सिंह ने बताया कि गर्मियों के दिनों में पक्षियों के लिए पीने के पानी और सुरक्षित जगह की समस्या रहती थी। तेज गर्मी में पानी की तलाश में पक्षियों को इधर-उधर भटकना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थायी व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि तेज आंधी और बरसात के दौरान कई बार पक्षियों के प्राकृतिक घोंसले टूट जाते हैं। जमीन अथवा कम ऊंचाई पर रहने वाले पक्षियों के सामने कुत्ते और बिल्लियों जैसे जानवरों से भी खतरा बना रहता है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आशियाने को करीब 60 फीट ऊंचा बनाया गया है।
छह मंजिला आशियाने की ऊंचाई के कारण पक्षियों को सुरक्षित बसेरा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ प्रत्येक मंजिल पर पक्षियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। समिति की ओर से दाना और पानी नियमित रूप से उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
आशियाने के नीचे धरातल पर 15 बाई 15 फीट का चबूतरा बनाया गया है। यहां पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था रहेगी। मंदिर सेवक समिति का प्रयास है कि पक्षियों को भोजन और पानी के लिए दूर तक न भटकना पड़े तथा मंदिर परिसर में ही उनकी जरूरतें पूरी हो सकें।
स्थानीय ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में बनाए गए इस पक्षी आशियाने की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाबा सेवा दास मंदिर धार्मिक आस्था के केंद्र के साथ अब जीव-सेवा की दिशा में भी संदेश दे रहा है। पक्षियों के संरक्षण के लिए गांव स्तर पर इस तरह की व्यवस्था अन्य लोगों को भी प्रेरित कर सकती है।
मंदिर प्रबंधन की ओर से आशियाने के आसपास पौधारोपण करने की भी योजना बनाई गई है। पौधे बड़े होने के बाद क्षेत्र में हरियाली बढ़ने के साथ पक्षियों को अधिक प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। पौधों के माध्यम से गर्मी के दिनों में छाया की व्यवस्था भी बेहतर होगी।
बढ़ते तापमान और हरित क्षेत्रों में कमी के बीच पक्षियों के लिए पानी, दाना और सुरक्षित बसेरे की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में गांव स्तर पर तैयार किया गया यह आशियाना बड़ी संख्या में पक्षियों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रयास है।
मंदिर सेवक समिति ने आशियाने में दाना-पानी की नियमित व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है। इसके साथ परिसर में हरियाली बढ़ाकर पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास भी किया जाएगा।
Editor: गरिमा बागोतिया



