राधा-कृष्ण झूलन उत्सव की धूम : सैनी सभा में उमड़े श्रद्धालु | कीर्तन-भागवत कथा का आयोजन

इस्कॉन महेंद्रगढ़ की ओर से सैनी सभा में सावन मास के पावन अवसर पर श्री राधा-कृष्ण झूलन उत्सव हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। फूलों से सजे झूले, भजन-कीर्तन और हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम में इस्कॉन बहादुरगढ़ से पहुंचे परम प्रभु जी ने कीर्तन और भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और भक्ति के महत्व पर अपने विचार रखे। कथा के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कथा का श्रवण किया।
ढोलक और मृदंग की थाप पर हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन किया गया। बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक ने इसमें उत्साह के साथ भाग लिया। संकीर्तन के दौरान सैनी सभा का प्रांगण ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ के जयकारों से गूंजता रहा।
झूलन उत्सव को विशेष बनाने के लिए श्री राधा-कृष्ण के झूले को आकर्षक फूलों से सजाया गया। छोटे बच्चों ने श्री राधा-रानी और भगवान श्रीकृष्ण को फूलों से सजे झूले में झुलाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने भी झूलन उत्सव में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की।
इस्कॉन महेंद्रगढ़ के प्रवक्ता राजवीर (राजू) सोनी ने बताया कि सावन मास में आयोजित होने वाले झूलन उत्सव का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी को देखते हुए कार्यक्रम के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। झूले की फूलों से सजावट के साथ श्रद्धालुओं के लिए अन्य व्यवस्थाएं भी की गईं।
उन्होंने बताया कि इस्कॉन की ओर से समय-समय पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से लोगों को भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। झूलन उत्सव में भी बच्चों और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की। बड़ी संख्या में पहुंचे परिवारों के कारण सैनी सभा परिसर में दिनभर धार्मिक और उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
इस अवसर पर डॉ. सुदर्शन, सुरेश सैनी, मोहिनी माता, रवि सोनी, विष्णु सोनी, रवि, बाल मुकुंद, रामजीवन, अश्विनी, विनोद और नवीन सहित शहर के सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं और बच्चे मौजूद रहे।
Editor: गरिमा बागोतिया



