नांगल चौधरी से पहली मालगाड़ी रवाना : CM सैनी ने दिखाई हरी झंडी | 886 एकड़ में विकसित होगा लॉजिस्टिक्स हब

दक्षिण हरियाणा को देश के बड़े औद्योगिक और माल परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में रविवार को नांगल चौधरी में महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब परियोजना में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स हब की रेल कनेक्टिविटी के परिचालन की दिशा में एक अहम पड़ाव पूरा हुआ।
करीब 886 एकड़ में विकसित किए जाने वाले इस इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब को दक्षिण हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसका उद्देश्य रेल और सड़क परिवहन को एक ही लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़कर माल की आवाजाही को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाना है।

नांगल चौधरी लॉजिस्टिक्स हब की सबसे बड़ी ताकत इसका वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव है। यह कॉरिडोर देश में माल ढुलाई के लिए विकसित किए गए प्रमुख रेल नेटवर्क में शामिल है। इससे जुड़ने के बाद नांगल चौधरी से देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख माल परिवहन केंद्रों तक माल की आवाजाही का रास्ता मजबूत होगा।

परियोजना में रेल और सड़क परिवहन के साथ कंटेनर हैंडलिंग, वेयरहाउसिंग, माल की लोडिंग-अनलोडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, क्रॉस-डॉकिंग और दूसरी लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। इन सुविधाओं के विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों को माल के भंडारण और परिवहन के लिए एकीकृत व्यवस्था उपलब्ध होने की उम्मीद है।
परियोजना के पहले चरण में करीब 408 एकड़ क्षेत्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां रेल, सड़क, बिजली और जलापूर्ति जैसी सुविधाओं के साथ मालगाड़ियों के संचालन के लिए रेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। मालगाड़ी का संचालन शुरू होने के बाद अब तैयार किए गए रेल नेटवर्क का व्यावहारिक इस्तेमाल भी शुरू हो गया है।
परियोजना से जुड़े आकलनों में लॉजिस्टिक्स हब के आसपास बड़े औद्योगिक निवेश और रोजगार की संभावनाएं भी जताई गई हैं। परियोजना दस्तावेजों में करीब 47,480 करोड़ रुपये तक के संभावित निवेश और लगभग 10 हजार रोजगार अवसरों का अनुमान सामने रखा गया है। हालांकि वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजना के आगे के विकास, उद्योगों के आगमन और निजी निवेश पर निर्भर करेगा।
हब के पूरी तरह विकसित होने पर महेंद्रगढ़ और नारनौल के साथ रेवाड़ी तथा राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से ऐसे उद्योगों को फायदा हो सकता है, जिन्हें बड़े स्तर पर कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन की जरूरत होती है।
लॉजिस्टिक्स हब के आसपास वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट, कंटेनर हैंडलिंग, पैकेजिंग और दूसरे सर्विस सेक्टर से जुड़े कारोबार विकसित होने की भी संभावना है। इससे बड़े उद्योगों के साथ छोटे एवं मध्यम कारोबार के लिए भी नए व्यावसायिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। सरकार का मानना है कि मजबूत रेल और सड़क कनेक्टिविटी से नांगल चौधरी में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र भविष्य में एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में उभर सकता है।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी लॉजिस्टिक्स हब के महत्व को रेखांकित किया। परियोजना के माध्यम से हरियाणा को देश के बड़े फ्रेट और औद्योगिक नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नांगल चौधरी में रविवार को रवाना हुई मालगाड़ी इसलिए केवल रेल सेवा की शुरुआत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे वर्षों से विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर परिचालन की दिशा में बढ़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना अपनी पूरी क्षमता के साथ विकसित होती है तो नांगल चौधरी की पहचान स्थानीय कस्बे से आगे बढ़कर उत्तर भारत के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकती है।
Editor: गरिमा बागोतिया



