डिजिटल राजस्व में महेंद्रगढ़ आगे : 2.44 लाख ऑटो म्यूटेशन पूरे | 90 हजार किसान आईडी मंजूर | 261 सर्वे दल सक्रिय

हरियाणा सरकार की डिजिटल पहल के तहत राजस्व और कृषि से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महेंद्रगढ़ जिले में तेजी से काम किया जा रहा है। जिले में स्वतः दाखिल-खारिज यानी ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था के तहत अब तक 2.44 लाख से अधिक इंतकाल सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। वहीं किसान रजिस्ट्री के तहत 90 हजार से अधिक किसानों के पहचान पत्र स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में डिजिटल योजनाओं की जिलेवार प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त अनुपमा अंजली ने महेंद्रगढ़ जिले में डिजिटल राजस्व एवं कृषि सुधार से संबंधित प्रगति के आंकड़े प्रस्तुत किए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में स्वतः दाखिल-खारिज व्यवस्था के तहत कुल 3,00,586 मामलों में से 2,44,180 इंतकाल सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा 47,770 मामलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जा चुका है। प्रशासन लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर पर रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था का उद्देश्य भूमि के स्वामित्व और हस्तांतरण से जुड़े मामलों को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है। डिजिटल प्रक्रिया के कारण लोगों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और संबंधित कार्य तय प्रक्रिया के अनुसार पूरे किए जा रहे हैं।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि जिले में लंबित मामलों के निपटारे पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिले।
कृषि क्षेत्र में भी डिजिटल व्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से एग्री स्टैक के तहत किसान रजिस्ट्री का कार्य चल रहा है। जिले में कुल 1,02,032 पंजीकृत किसानों में से 90,731 किसानों के पहचान पत्र स्वीकृत किए जा चुके हैं।
किसान पहचान पत्र के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और कृषि से संबंधित विभिन्न सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन शेष पात्र किसानों की प्रक्रिया को भी पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।
इसके साथ ही डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत खेतों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। जिले में इस कार्य के लिए 261 सक्रिय सर्वेक्षण दल मैदान में तैनात किए गए हैं। ये दल राजस्व और कृषि विभाग के समन्वय से फसलों एवं खेतों से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण के माध्यम से कृषि क्षेत्र से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर सर्वेक्षण कार्य को गति देने पर जोर दिया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक और किसान तक डिजिटल शासन का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। राजस्व एवं कृषि क्षेत्र की डिजिटल सेवाओं की नियमित समीक्षा भी की जा रही है, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सके।
राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष जिले में ऑटो म्यूटेशन, किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वेक्षण सहित विभिन्न योजनाओं की मौजूदा स्थिति रखी गई। प्रशासन ने लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने और डिजिटल सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर महेंद्रगढ़ एसडीएम योगेश सैनी, कनीना एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Editor: गरिमा बागोतिया



