लॉजिस्टिक हब पर CM का बड़ा संदेश : बोले- झूठ बोलकर हाजिरी लगा रहे कुछ लोग | अभय सिंह के प्रयासों का जिक्र | पहली मालगाड़ी को दिखाई हरी झंडी
नांगल चौधरी में रविवार को इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब से पहली मालगाड़ी रवाना होने के साथ ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन ने कार्यक्रम को राजनीतिक रंग भी दे दिया। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए उन लोगों पर निशाना साधा, जो लॉजिस्टिक हब को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार करते हैं और अच्छी चीज में सबसे पहले खड़े हो जाते हैं। विरोध भी नहीं कर सकते, इसलिए झूठ बोलकर अपनी हाजिरी लगाने में लगे रहते हैं। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री ने अपनी बात को विपक्ष से जोड़ते हुए सरकार के विकास कार्यों का विरोध करने वालों पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब को लेकर पिछले कुछ समय से भ्रष्टाचार सहित विभिन्न आरोप और सवाल उठाए जाते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया और न ही किसी विशेष आरोप का उल्लेख किया, लेकिन दुष्प्रचार और झूठ बोलकर हाजिरी लगाने वाली टिप्पणी को लॉजिस्टिक हब को लेकर उठाए जा रहे सवालों के संदर्भ में देखा जा रहा है। बाद में उन्होंने इसी बात को राजनीतिक विपक्ष से जोड़ते हुए कहा कि कुछ लोग अच्छी चीजों का भी विरोध करने के लिए आगे आ जाते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसके साथ ही नांगल चौधरी के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव के प्रयासों का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नांगल चौधरी के लिए जो प्रयास पूर्व मंत्री अभय सिंह यादव ने किए हैं, उन्हें देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पहले रेत उड़ती थी और आज इसी स्थान पर इतना बड़ा प्रोजेक्ट खड़ा है तथा यहां से मालगाड़ी रवाना हो रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नांगल चौधरी आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

रविवार का दिन नांगल चौधरी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब की रेल कनेक्टिविटी की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हब से पहली मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल संचालन शुरू होने के साथ वर्षों से निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने परिचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है।

नांगल चौधरी का इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। केंद्र सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने इसके ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को मंजूरी दी थी। मूल स्वीकृत परियोजना 886.78 एकड़ क्षेत्र में दो चरणों में विकसित करने की योजना है और इसकी अनुमानित स्वीकृत लागत करीब 1,029 करोड़ रुपए है।

वर्तमान में परियोजना के प्रथम चरण के करीब 408 एकड़ क्षेत्र में रेल, सड़क, बिजली और जलापूर्ति सहित आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई हैं। मालगाड़ियों के संचालन के लिए करीब दो किलोमीटर लंबा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर, चार रेल पटरियां, स्टेशन संबंधी भवन और प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। पहली मालगाड़ी का संचालन शुरू होने के बाद अब इस तैयार बुनियादी ढांचे का व्यावहारिक उपयोग भी शुरू हो गया है।

इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत इसका वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव है। देश में माल ढुलाई के लिए विकसित इस समर्पित रेल कॉरिडोर के पास स्थित होने के कारण नांगल चौधरी लॉजिस्टिक हब को उत्तर भारत की औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान मिलने की संभावना है। भविष्य में यहां वेयरहाउसिंग, कंटेनर स्टैकिंग, ट्रांसपोर्टेशन, EXIM और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

NICDC के आधिकारिक परियोजना विवरण में नांगल चौधरी IMLH से करीब 47,480 करोड़ रुपए की व्यापक निवेश क्षमता और लगभग 10 हजार रोजगार की संभावना का अनुमान दिया गया है। यह 47,480 करोड़ रुपए परियोजना की निर्माण लागत नहीं है। परियोजना की स्वीकृत अनुमानित लागत करीब 1,029 करोड़ रुपए है, जबकि 47,480 करोड़ रुपए का आंकड़ा इससे जुड़ी संभावित व्यापक निवेश क्षमता को दर्शाता है। दोनों आंकड़ों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों को सपोर्ट करना चाहिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा आधारभूत ढांचे तथा औद्योगिक विकास के लिए किए जा रहे कार्यों को क्षेत्र के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि धीरे-धीरे सभी चीजें विकसित होंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार लॉजिस्टिक हब के आगे बढ़ने से नांगल चौधरी की आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी।

मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे एमबीबीएस कर रहे हैं और धीरे-धीरे सभी व्यवस्थाएं विकसित होंगी। उन्होंने इसे भी क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही विकास प्रक्रिया से जोड़ा और कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
पूरे कार्यक्रम में विकास के आंकड़ों के साथ राजनीतिक संदेश भी साफ दिखाई दिया। एक तरफ मुख्यमंत्री ने पहली मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर लॉजिस्टिक हब की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को सामने रखा, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने बिना नाम लिए दुष्प्रचार और झूठ के जरिए हाजिरी लगाने की बात कहकर सवाल उठाने वालों को जवाब देने की कोशिश की। इसके बाद बात को विपक्ष तक ले जाकर उन्होंने इसे सरकार बनाम विपक्ष की विकास की राजनीति से भी जोड़ दिया।

मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह यादव के प्रयासों की सार्वजनिक रूप से सराहना भी स्थानीय राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। उन्होंने वर्ष 2014 से पहले यहां रेत उड़ने और अब बड़े लॉजिस्टिक हब से ट्रेन चलने की तुलना करते हुए विकास की यात्रा को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री का संदेश था कि जिस क्षेत्र को कभी पिछड़े इलाके के रूप में देखा जाता था, उसे अब औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है।
अब इस परियोजना की अगली परीक्षा इसके पूर्ण व्यावसायिक संचालन और प्रस्तावित निवेश को जमीन पर उतारने की होगी। रेल कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद उद्योग, वेयरहाउसिंग, कंटेनर हैंडलिंग और परिवहन से जुड़ी गतिविधियां किस गति से आती हैं, इससे इसके वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन होगा। फिलहाल पहली मालगाड़ी की रवानगी ने परियोजना को निर्माण से संचालन की दिशा में पहुंचा दिया है और मुख्यमंत्री ने इसी मंच से परियोजना पर सवाल उठाने वालों को राजनीतिक जवाब देने की भी कोशिश की है।
Editor: State Desk



