Narnaul News | महिलाओं को अधिकारों के प्रति किया जागरूक : समस्याएं सुनकर दिया मार्गदर्शन | डायल 112 की दी जानकारी

महिलाओं की समस्याओं को सुनने और उन्हें कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सिविल अस्पताल नारनौल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मंजूषा और उनकी टीम ने महिलाओं से संवाद किया तथा उनकी विभिन्न समस्याओं को सुना।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। महिला पुलिस टीम ने महिलाओं से कहा कि किसी भी तरह की परेशानी या अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय संबंधित विभाग और पुलिस से संपर्क करें।
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक मंजूषा ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के बारे में जानकारी देते हुए उनके कानूनी अधिकारों को समझाया। महिलाओं को दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक समस्याओं के प्रति भी जागरूक किया गया।
घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों में महिलाओं को मिलने वाली सहायता और संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर संरक्षण अधिकारी से संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। पुलिस टीम ने महिलाओं को उपलब्ध सहायता के माध्यमों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में नशामुक्ति को लेकर भी जागरूकता फैलाई गई। महिलाओं को बताया गया कि यदि उनके परिवार या आसपास कोई व्यक्ति शराब अथवा अन्य नशे का सेवन करता है तो इसकी सूचना गोपनीय रूप से नजदीकी पुलिस स्टेशन में दी जा सकती है। आवश्यकता के अनुसार संबंधित व्यक्ति को उपचार से जोड़ने के लिए अस्पताल के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस टीम ने आपातकालीन सेवा डायल 112 की जानकारी भी दी। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्हें इस सेवा का जरूरत के समय उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया।
महिला पुलिस टीम ने कहा कि महिलाओं का अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के प्रति जागरूक होना जरूरी है। जागरूकता के माध्यम से महिलाएं जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं को सुनने के साथ उन्हें कानूनी एवं सामाजिक सहायता के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी देना और सुरक्षित व नशामुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ाना रहा।
Editor: शिवानी राजपूत



