सिलिकोसिस योजना के प्रति किया जागरूक : खनन क्षेत्रों का निरीक्षण | श्रमिकों से किया संवाद | सुरक्षा पर दिया जोर

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर देवेंद्र सिंह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों और खनन स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रमिकों और उनके परिवारों से सीधा संवाद कर सिलिकोसिस पीड़ितों के लिए हरियाणा सरकार की ओर से संचालित विशेष पुनर्वास योजना की जानकारी दी। इस दौरान जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, खनन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की गई।
विशेष मॉनिटर देवेंद्र सिंह ने जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचकर श्रमिकों और उनके परिवारों से बातचीत की। उन्होंने कामगारों से कार्यस्थल की परिस्थितियों और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित जानकारी ली। इसके साथ स्टोन क्रशर और खनन इकाइयों में सिलिका धूल को नियंत्रित करने के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कामगारों द्वारा सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति भी देखी गई। विशेष मॉनिटर ने संबंधित अधिकारियों से श्रमिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और सिलिकोसिस से बचाव के लिए आवश्यक उपायों पर ध्यान देने को कहा।

देवेंद्र सिंह ने श्रमिकों और उनके परिवारों को बताया कि सिलिकोसिस बीमारी से पीड़ित लोगों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से विशेष पुनर्वास योजना संचालित की जा रही है। पात्र श्रमिक और उनके आश्रित योजना के तहत मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा सरकार के अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा पात्र व्यक्ति जिला श्रम कल्याण बोर्ड कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने श्रमिकों से योजना से संबंधित जानकारी हासिल कर समय पर आवेदन करने की अपील की।
आवेदन के लिए पीड़ित का पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण और जिला स्तरीय मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी सिलिकोसिस प्रमाण पत्र आवश्यक बताया गया है। आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद पात्रता के अनुसार योजना का लाभ दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रमाणित सिलिकोसिस रोगी को उपचार और जीवन-यापन के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता के साथ प्रतिमाह दिव्यांगता पेंशन प्रदान की जाती है। यदि किसी श्रमिक की सिलिकोसिस के कारण मृत्यु हो जाती है तो उसके पात्र आश्रित परिवार को भरण-पोषण के लिए एकमुश्त आर्थिक सहायता और पारिवारिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है।
विशेष मॉनिटर ने बताया कि केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से भी पात्र श्रमिकों को संबंधित सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। उन्होंने कामगारों से सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी रखने और पात्रता होने पर समय रहते उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
देवेंद्र सिंह ने खनन और स्टोन क्रशर इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों से कार्यस्थल पर सुरक्षा मास्क का लगातार इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस से संबंधित लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और नजदीकी सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग को उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा, श्रम विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अलका, माइंस एंड जियोलॉजी विभाग की माइनिंग इंस्पेक्टर तन्नू जोशी, डीएलसी वेलफेयर से सुरेंद्र कौर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अनुज, पब्लिक हेल्थ के जेई आकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
Editor: गरिमा बागोतिया



