Satnali News | नए रेवेन्यू सॉफ्टवेयर से किसान परेशान : इंतकाल में त्रुटियों का आरोप | पुरानी व्यवस्था की मांग
हरियाणा सरकार द्वारा राजस्व विभाग के रिकॉर्ड से संबंधित कार्यों के लिए लागू किए गए नए सॉफ्टवेयर में कथित तकनीकी खामियों को लेकर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। सोमवार को ग्रामीण एवं किसान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपकर सॉफ्टवेयर की कमियों को जल्द दूर करने और तब तक पुरानी पद्धति से इंतकाल दर्ज करने की व्यवस्था जारी रखने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि नए सॉफ्टवेयर के लागू होने के बाद जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े कई कार्यों में परेशानी सामने आ रही है। विशेष रूप से इंतकाल दर्ज करने के दौरान तकनीकी त्रुटियों के कारण किसानों को अपने राजस्व रिकॉर्ड को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई मामलों में जमीन का हिस्सा सही तरीके से दर्ज नहीं हो रहा है। कहीं किसान का हिस्सा गलत दिखाई दे रहा है तो कहीं रिकॉर्ड में पूरा हिस्सा दिखाई नहीं देने की शिकायत सामने आ रही है। इससे किसानों में अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने कहा कि जमीन का राजस्व रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसमें किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि होने से किसान को भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, इंतकाल और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी हो सकती है। इसलिए नए सिस्टम की प्रत्येक तकनीकी कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाना चाहिए।
राजपूत सभा के पूर्व प्रधान सवाई सिंह राठौड़ सहित ग्रामीणों ने मांग की कि नए पोर्टल में सामने आ रही समस्याओं की तकनीकी स्तर पर जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि पोर्टल में गंभीर खामियां हैं तो उन्हें ठीक किए जाने तक इसका इस्तेमाल रोका जाए।

ग्रामीणों ने आईटी विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जमीन के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि न हो और आम लोगों को इसका इस्तेमाल करने में परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जब तक नए सॉफ्टवेयर की सभी तकनीकी कमियां दूर नहीं हो जातीं, तब तक पहले की तरह पुरानी पद्धति से इंतकाल दर्ज करने की अनुमति दी जाए। इससे किसानों के जमीन संबंधी काम प्रभावित नहीं होंगे और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वे डिजिटल व्यवस्था का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन ऐसी व्यवस्था लागू होनी चाहिए जिसमें जमीन से संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह सही और सुरक्षित रहे। तकनीकी व्यवस्था के कारण किसान के हिस्से या जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।

ज्ञापन देने वालों ने सरकार से मामले में जल्द हस्तक्षेप करने और राजस्व विभाग तथा संबंधित आईटी अधिकारियों को तकनीकी समस्याओं के समाधान के निर्देश देने की मांग की। किसानों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान करेगी।
इस अवसर पर सवाई सिंह राठौड़, सावंत सिंह, जयप्रकाश श्योराण, नरेश सिंह, रामनिवास, पिंकू, सोनू, अमित सिंह, अशोक और रविंद्र सहित अनेक ग्रामीण एवं किसान मौजूद रहे।
Editor: शिवानी राजपूत



