नारनौल | छात्राओं ने जाना पुलिस की कार्यप्रणाली : डीएसपी डॉ. कविता ने साइबर व महिला सुरक्षा का दिया संदेश | शैक्षणिक भ्रमण में पुलिस व्यवस्था से कराया परिचय
नारनौल में छात्राओं ने पुलिस कार्यप्रणाली और साइबर सुरक्षा के विषय में जानकारी प्राप्त की।

नारनौल। युवाओं को पुलिस की कार्यप्रणाली, साइबर अपराधों से बचाव और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नारनौल में राजकीय पीजी कॉलेज एवं राजकीय महिला कॉलेज की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं ने जिला पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन कर पुलिस की कार्यशैली को नजदीक से समझा। 
भ्रमण के दौरान डीएसपी नारनौल डॉ. कविता ने छात्राओं से संवाद करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका तथा आमजन की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए टेलीग्राम फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी लिंक तथा ओटीपी साझा करने जैसे साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए।
डीएसपी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के झांसे में न आएं। यदि कोई साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम साइबर पुलिस थाना से संपर्क करें। 
उन्होंने छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सुरक्षा तंत्र की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 का तुरंत उपयोग करें। साथ ही ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अकेले सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से यात्रा के दौरान पुलिस लगातार निगरानी रखती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका सरल और व्यावहारिक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। अधिकारियों ने छात्राओं से डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने, सोशल मीडिया पर जिम्मेदारीपूर्वक व्यवहार करने तथा किसी भी अपराध या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आह्वान किया।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण युवाओं और पुलिस के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



