मोदी के नेतृत्व की तारीफ : दलाल ने कांग्रेस को घेरा | वन नेशन-वन इलेक्शन की पैरवी

हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के तौर पर 25 वर्ष के कार्यकाल को लेकर उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश को स्थिर और मजबूत सरकार मिली तथा विकास की दिशा में तेजी से काम हुआ। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान, गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध और वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।
सोमवार को भिवानी स्थित अपने आवास पर पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र से पहुंचे लोगों की समस्याएं भी सुनीं। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश और देश से जुड़े विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

जेपी दलाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में स्थिर शासन स्थापित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम किया है।
पूर्व मंत्री ने पिछली गठबंधन सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले देश में मिली-जुली सरकारों के दौर में आए दिन घोटालों की खबरें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को आज की युवा पीढ़ी ने भले ही नहीं देखा हो, लेकिन बुजुर्गों को उस समय की स्थिति अच्छी तरह याद है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र में स्थिर और मजबूत सरकार बनी है। मजबूत सरकार होने के कारण सरकार को नीतिगत फैसले लेने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने इसे देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के दिवंगत सज्जन कुमार को लेकर दिए गए बयान पर चल रहे विवाद पर भी जेपी दलाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा को ऐसे व्यक्ति की प्रशंसा से बचना चाहिए जिसे अदालत ने 1984 के सिख विरोधी हिंसा से जुड़े मामले में दोषी ठहराया है। उन्होंने दीपेंद्र हुड्डा को इस मामले में अपने बयान पर विचार करने की सलाह दी।
गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध को लेकर पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध का एक तरीका होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध इस तरह नहीं होना चाहिए जिससे प्रदेश हित से जुड़े कार्य प्रभावित होने लगें।
जेपी दलाल ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विकास से जुड़े कार्यों को राजनीतिक टकराव से अलग रखा जाना चाहिए। प्रदेश के हित और विकास को प्राथमिकता देते हुए राजनीतिक दलों को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर पूर्व कृषि मंत्री ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच है कि अलग-अलग राज्यों और लोकसभा के चुनाव बार-बार करवाने के बजाय चुनाव एक साथ होने चाहिए। इसके लिए आवश्यक बहुमत और संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।
दलाल ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से देश लगातार चुनावी माहौल में रहता है। चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने से विकास कार्यों की गति भी प्रभावित होती है। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से चुनाव पर होने वाला खर्च कम होगा और प्रशासनिक व्यवस्था को भी विकास कार्यों पर अधिक समय देने का अवसर मिलेगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन व्यवस्था लागू होने से सरकारी संसाधनों और समय की बचत हो सकती है। उन्होंने इसे देश के विकास की गति बढ़ाने वाली व्यवस्था बताते हुए इसके पक्ष में भाजपा की सोच को दोहराया।
इस दौरान जेपी दलाल ने पार्टी पदाधिकारियों से संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।
Editor: शिवानी राजपूत



