देर रात हिरासत पर भड़के कर्मचारी : पूर्व मंत्री सर्राफ के आवास का घेराव | मांगों पर लिखित आदेश की मांग

हरियाणा में नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल के बीच भिवानी में आंदोलन तेज हो गया है। सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर कर्मचारियों ने पूर्व मंत्री एवं विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास के बाहर पड़ाव डालकर प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने देर रात पुलिस द्वारा कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने का विरोध करते हुए सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सर्व कर्मचारी संघ ब्लॉक भिवानी के प्रधान अशोक गोयत, नगर परिषद कर्मचारी नेता पुरुषोत्तम दानव, सुखदर्शन सरोहा और अजय श्योराण सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

कर्मचारी नेताओं के अनुसार इससे पहले विधायक घनश्याम सर्राफ को कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया था। उस दौरान दो दिन में समाधान का आश्वासन मिलने की बात कही गई थी। यूनियन नेताओं का आरोप है कि समाधान की दिशा में कदम उठाने के बजाय देर रात करीब दो बजे पुलिस ने आंदोलनरत कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
नेताओं ने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों को रात में हिरासत में लिया गया और बाद में सुबह छोड़ा गया। उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे कर्मचारियों के शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास बताया। हालांकि पुलिस-प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने सरकार के साथ पूर्व में हुई बातचीत का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कर्मचारियों की 22 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के साथ चर्चा हो चुकी है और कई मांगों पर सहमति बनने की बात भी कही गई थी। इसके बावजूद सहमत मांगों को लागू करने के लिए अभी तक आवश्यक लिखित आदेश या परिपत्र जारी नहीं किए गए हैं।
कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि सरकार जिन मांगों पर सहमति जता चुकी है, उनके संबंध में जल्द लिखित नोटिफिकेशन जारी किया जाए। उनका कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से हड़ताल समाप्त नहीं होगी और कर्मचारियों को मांगों के क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट लिखित आदेश चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते। उनका आंदोलन अपनी मांगों, रोजगार और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर है। कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाए और लंबित मांगों का स्थायी समाधान निकाले।
यूनियन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री स्तर पर कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधी वार्ता की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत के माध्यम से ही मौजूदा गतिरोध को समाप्त किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस फैसला नहीं लिया गया और सहमत बिंदुओं को लागू करने के आदेश जारी नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में आंदोलन नगरपालिका कर्मचारियों तक सीमित न रहकर प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप ले सकता है।
पूर्व मंत्री एवं विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगें उठाईं। कर्मचारी नेताओं ने साफ किया कि मांगों के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और आगे की रणनीति संगठन स्तर पर तय की जाएगी।
Editor: गरिमा बागोतिया



