विश्व बंधुत्व दिवस पर रक्तदान : सामाजिक कुरीतियों पर मंथन | नशे के खिलाफ एकजुटता | रक्तदाताओं को बताया जीवनदाता

विश्व बंधुत्व दिवस एवं राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि के स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से सोमवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान के साथ घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक कुरीतियों जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। हरियाणा राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरमैन मीना परमार ने कहा कि सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए कानून और सरकारी संस्थाओं के साथ परिवार, पंचायत, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों को भी मिलकर प्रयास करने होंगे।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य महिला आयोग की वाइस चेयरमैन मीना परमार के साथ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ और भाजपा जिला प्रधान वीरेंद्र कौशिक ने शिरकत की। अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और मानव सेवा के लिए किए जा रहे ऐसे आयोजनों की सराहना की।

मीना परमार ने कहा कि समाज में घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और लिव-इन से जुड़े विवादों के मामले सामने आ रहे हैं। इनसे परिवार और सामाजिक व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याओं को केवल कानून अथवा आयोग के भरोसे समाप्त नहीं किया जा सकता। इनके समाधान के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उन्होंने परिवारों से भी आपसी समझ और संवाद बढ़ाने की अपील की। मीना परमार ने कहा कि घर में आने वाली नई बहुओं और बेटियों को परिवार के साथ तालमेल बैठाने के लिए पर्याप्त समय और सहयोग मिलना चाहिए। परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर संवाद और एक-दूसरे को समझने की कोशिश से कई घरेलू विवादों को शुरुआती स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है।

नशे के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए मीना परमार ने इसे समाज के लिए अभिशाप बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है, लेकिन किसी भी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए परिवार और समाज दोनों को सतर्क रहना होगा। बच्चों और युवाओं के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर परिवारों को ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर समय रहते उचित मार्गदर्शन देना चाहिए। सामाजिक संस्थाएं भी जागरूकता अभियान के माध्यम से नशामुक्त समाज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

रक्तदान के महत्व पर मीना परमार ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। जरूरत के समय एक व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त दूसरे व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक बन सकता है। उन्होंने रक्तदान को इंसान को इंसान से जोड़ने वाला मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और स्वस्थ एवं पात्र लोगों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करने का आह्वान किया।
महिला सुरक्षा के विषय पर उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की परेशानी होने पर महिलाएं पुलिस और संबंधित सरकारी माध्यमों के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसके साथ उन्होंने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहने की बात कही।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ ने रक्तदान करने वाले लोगों की सराहना करते हुए उन्हें जीवनदाता बताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण होता है और स्वैच्छिक रक्तदाता इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
शंकर धूपड़ ने युवाओं से रक्तदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल के माध्यम से रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे दूसरे युवा भी प्रेरित होकर मानव सेवा के इस अभियान से जुड़ सकते हैं।
भाजपा जिला प्रधान वीरेंद्र कौशिक ने ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव जीवन बचाने के उद्देश्य से किया गया रक्तदान महत्वपूर्ण सेवा है। सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को ऐसे जनहित के कार्यक्रम लगातार आयोजित करते रहना चाहिए, ताकि समाज में सेवा और सहयोग की भावना मजबूत हो।
शिविर में भिवानी, सोनीपत सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे रक्तदाताओं ने भाग लिया। रक्तदाताओं ने भी लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि किसी जरूरतमंद के काम आने की भावना उन्हें रक्तदान करने के लिए प्रेरित करती है।
विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक एकता और मानव सेवा का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा मजबूत करने और सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने अतिथियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया।
Editor: गरिमा बागोतिया



