अवैध पिस्टल के साथ दो गिरफ्तार : क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की कार्रवाई | दोस्त से लिया था हथियार

अवैध हथियार रखने और हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने अवैध देसी पिस्टल के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान गांव धौज, फरीदाबाद निवासी राशिद और घासेड़ा, नूंह निवासी आरिस के रूप में हुई है। दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि राशिद के पास अवैध हथियार है और वह सेक्टर-30 फरीदाबाद के आसपास मौजूद है। सूचना की पुष्टि करने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राशिद को सेक्टर-30 क्षेत्र से काबू कर लिया।
पुलिस द्वारा नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने हथियार को कब्जे में लेकर राशिद के खिलाफ थाना सेक्टर-31 में शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उससे पूछताछ शुरू की।
पुलिस पूछताछ के दौरान राशिद ने बताया कि उसने बरामद अवैध पिस्टल अपने दोस्त आरिस निवासी घासेड़ा, नूंह से ली थी। पुलिस के मुताबिक आरोपित ने हथियार लेने का उद्देश्य हवाई फायर करना बताया। राशिद से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू की।
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम ने मामले में आगे कार्रवाई करते हुए आरिस को नूंह से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे अवैध हथियार के स्रोत को लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में आरिस ने पुलिस को बताया कि उसने यह पिस्टल करीब तीन महीने पहले हथीन क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति से खरीदी थी। पुलिस के अनुसार आरोपित ने पिस्टल के लिए 30 हजार रुपये देने की बात बताई है।
इस प्रकार पुलिस जांच राशिद से बरामद हथियार से शुरू होकर उसके कथित स्रोत आरिस तक पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। अवैध हथियार की खरीद और उसके आगे दिए जाने से संबंधित तथ्यों को भी जांच में शामिल किया गया।
पुलिस द्वारा दोनों आरोपितों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। फरीदाबाद पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार रखने और उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Editor: गरिमा बागोतिया



