Faridabad News | साइबर ठगी में 4 आरोपी गिरफ्तार : तीन अलग मामलों में कार्रवाई | 11 लाख से ज्यादा की ठगी

साइबर थाना NIT की टीम ने साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन मामलों में ऑनलाइन लोन दिलाने, शेयर मार्केट में निवेश पर मोटा मुनाफा देने और APK फाइल के जरिए मोबाइल को निशाना बनाने जैसे तरीकों से लोगों से ठगी की गई। जांच में ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
पहले मामले में ऑनलाइन ऐप के माध्यम से लोन दिलाने का झांसा देकर 55 हजार 868 रुपये की साइबर ठगी करने के आरोप में पुलिस ने सौरभ कुमार और धनंजय चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने ‘क्रेडिट बी’ के नाम से कथित फर्जी कस्टमर केयर पेज बनाकर उसे गूगल पर उपलब्ध कराया हुआ था। शिकायतकर्ता ने अपने पहले से चल रहे लोन के संबंध में जानकारी लेने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। इसी दौरान उसका संपर्क आरोपियों से हुआ।
आरोप है कि शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत जानकारी लेने के बाद ऑनलाइन ऐप के माध्यम से नए लोन की प्रक्रिया कराई गई। बाद में शिकायतकर्ता ने जब लोन की जरूरत नहीं होने की बात कही तो उसे लोन की रकम एक वॉलेट अकाउंट में वापस भेजने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने बताए गए तरीके से रकम भेज दी, जिसके बाद उसे ठगी का पता चला।
साइबर थाना NIT की टीम ने मामले की जांच करते हुए सौरभ कुमार और धनंजय चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे ठगी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
दूसरे मामले में शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 9 लाख 66 हजार रुपये की साइबर ठगी किए जाने का आरोप है। इस मामले की जांच के दौरान साइबर थाना NIT की टीम ने दिल्ली के रिठाला निवासी एक महिला को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि महिला ने कथित साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस का दावा है कि ठगी की कुल रकम में से दो लाख रुपये महिला के खाते में आए थे। आरोपी महिला को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तीसरा मामला APK फाइल के माध्यम से मोबाइल को निशाना बनाकर 90 हजार रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एटा निवासी प्राशुन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वृंदावन में होटल चलाता है और इस मामले में खाताधारक की भूमिका में था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था और ठगी के 90 हजार रुपये उसके बैंक खाते में आए थे। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
तीनों मामलों को मिलाकर शिकायतकर्ताओं से करीब 11 लाख 11 हजार 868 रुपये की साइबर ठगी का आरोप है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इनके माध्यम से साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से भी ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और इंटरनेट पर मिले किसी भी कस्टमर केयर नंबर की प्रामाणिकता की जांच करने की अपील की है। संदिग्ध लिंक या APK फाइल को खोलने से बचने तथा निवेश के नाम पर मिलने वाले असामान्य मुनाफे के प्रस्तावों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
Editor: शिवानी राजपूत



