महिला पर गर्म पानी डालने का आरोप : दंपती गिरफ्तार | तीन दिन कमरे में रखने का आरोप

थाना धौज क्षेत्र के गांव कुरैशीपुर स्थित गड्ढा कॉलोनी में एक महिला को घर से निकालने के लिए उसके साथ मारपीट करने, गर्म पानी डालकर झुलसाने और इसके बाद करीब तीन दिन तक कमरे में बंद रखने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर थाना धौज पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान ललिता और उसके पति धर्मेंद्र के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गड्ढा कॉलोनी निवासी पीड़िता की शादी वर्ष 2024 में रोहित के साथ हुई थी। पिछले करीब दो महीने से पति के साथ अनबन के चलते वह पड़ोस में रहने वाली अपनी देवरानी की मां ललिता के घर रह रही थी। इसी दौरान घरेलू बातों को लेकर पीड़िता और ललिता के बीच विवाद होने लगा।
शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त को खाना बनाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके अगले दिन 16 अगस्त की अल सुबह पीड़िता कमरे में सो रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ललिता और उसके पति धर्मेंद्र ने उसके ऊपर गर्म पानी डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई।
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि घटना के बाद उसे उपचार के लिए बाहर भी नहीं जाने दिया गया। आरोपितों ने उसे मकान के एक कमरे में बंद रखा और वह करीब तीन दिन तक वहां से बाहर नहीं निकल सकी।
मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद पीड़िता प्रीति की शिकायत पर थाना धौज में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने जांच शुरू करते हुए ललिता और धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से घटनाक्रम और इसके पीछे के कारणों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में भी सामने आया कि पीड़िता और उसके पति के बीच करीब दो महीने से मनमुटाव चल रहा था। इसी कारण वह ललिता के घर रह रही थी। पुलिस के अनुसार पूछताछ में ललिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से घर के कामकाज को लेकर विवाद चल रहा था और वह पीड़िता को अपने घर से निकालना चाहती थी।
इसी विवाद के बीच महिला के ऊपर गर्म पानी डालने की घटना होने का आरोप है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या विवाद हुआ था और महिला को कमरे में रखने से संबंधित आरोपों की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस नोट में घटना की तारीख एक स्थान पर 16 अगस्त और बाद में 16 फरवरी लिखी गई है। घटनाक्रम के क्रम को देखते हुए खबर में 16 अगस्त रखा गया है, लेकिन प्रकाशन से पहले पुलिस से तारीख की पुष्टि करना उचित रहेगा।
Editor: गरिमा बागोतिया



