दूसरे वाहन की नंबर प्लेट लगाकर चला रहा था बाइक : ई-चालान से खुला राज | आरोपी गिरफ्तार | दो दिन के रिमांड पर

थाना तिगांव क्षेत्र में दूसरे वाहन का पंजीकरण नंबर अपनी मोटरसाइकिल पर लगाकर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। असली मोटरसाइकिल फरीदाबाद आई ही नहीं, लेकिन उसके नंबर पर लगातार ई-चालान कटते रहे। छह ई-चालान सामने आने के बाद वाहन मालिक को संदेह हुआ और पुलिस में शिकायत दी गई। मामले की जांच करते हुए अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने फतेहपुर तंगा निवासी सौरव त्यागी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गुरुग्राम के गांव करणकी का नंगला निवासी प्रदीप ने थाना तिगांव पुलिस को शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसके भाई कपिल के नाम पर रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल पंजीकृत है। यह मोटरसाइकिल फरीदाबाद आई ही नहीं थी, इसके बावजूद उसके पंजीकरण नंबर पर फरीदाबाद में लगातार ई-चालान आने लगे।
शिकायतकर्ता ने जब ई-चालान की जानकारी जांची तो पता चला कि उसके भाई की मोटरसाइकिल के पंजीकरण नंबर पर फरीदाबाद में कुल छह चालान काटे जा चुके हैं। मोटरसाइकिल के फरीदाबाद नहीं आने के बावजूद चालान कटने से उन्हें संदेह हुआ कि कोई दूसरा व्यक्ति उसी पंजीकरण नंबर का इस्तेमाल अपनी मोटरसाइकिल पर कर रहा है।
शिकायत के आधार पर थाना तिगांव में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने आगे बढ़ाई। पुलिस ने तकनीकी एवं अन्य तथ्यों के आधार पर जांच करते हुए सौरव त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने संबंधित मोटरसाइकिल उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से खरीदी थी। बाद में उसने यह मोटरसाइकिल सचिन नामक युवक को दे दी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि उसे सचिन को कुछ पैसे देने थे। इसी लेन-देन के चलते मोटरसाइकिल सचिन को दी गई थी और पैसे देने के बाद मोटरसाइकिल वापस लेने की बात थी।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दूसरे वाहन का पंजीकरण नंबर इस मोटरसाइकिल पर किसने और कब लगाया। इसके साथ ही मोटरसाइकिल के वास्तविक रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री से जुड़े तथ्यों और मामले में अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी सौरव त्यागी के खिलाफ पहले भी लड़ाई-झगड़े, आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे आगामी पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस नंबर प्लेट के इस्तेमाल से जुड़े पूरे घटनाक्रम और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास करेगी।
Editor: गरिमा बागोतिया



