बेटियों की सुरक्षा पर संदेश : चुप्पी नहीं, आवाज उठाएं | छात्राओं से किया संवाद

हरियाणा महिला आयोग की सदस्य भारती सैनी ने नूंह जिले के अपने पहले दौरे की शुरुआत फिरोजपुर झिरका के गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की। यहां उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए महिला और बालिका सुरक्षा को लेकर जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी गलत व्यवहार या घटना को डर अथवा शर्म के कारण छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित टीम को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
भारती सैनी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा परिवार, स्कूल और समाज सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चियों के साथ ऐसा भरोसे का रिश्ता बनाया जाना चाहिए, जिसमें वे बिना किसी डर और झिझक के अपनी परेशानी साझा कर सकें। कई बार बच्चियां डर या संकोच के कारण अपने साथ हुई घटना के बारे में किसी को नहीं बतातीं, इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों को भी उनके व्यवहार और समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ गलत व्यवहार करता है या ऐसा करने का प्रयास करता है तो उसे नजरअंदाज नहीं करें। इसकी जानकारी तत्काल माता-पिता, शिक्षकों या स्कूल में गठित संबंधित समिति को दें। समय पर जानकारी मिलने से उचित सहायता और कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
महिला आयोग सदस्य ने कहा कि किसी परेशानी में फंसी महिला या बच्ची को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जरूरतमंद महिलाओं और बच्चियों को महिला आयोग के स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद महिला पुलिस अधिकारी से भी कहा कि यदि किसी पीड़िता से जुड़ा मामला सामने आता है तो उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

भारती सैनी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए केवल कानून की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है। परिवारों को भी बेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि किसी परेशानी की स्थिति में वे सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों से बात कर सकें।
इस दौरान समिति की बैठक में सामने आए एक मामले पर भी भारती सैनी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर संबंधित मामले की जानकारी लेंगी। वहां उपलब्ध रिकॉर्ड और तथ्यों की जानकारी लेने के बाद जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी, उसे नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।
महिला आयोग सदस्य ने अपने दौरे के दौरान जेल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कोई बड़ी कमी सामने नहीं आई। बंदियों के रखरखाव, स्वास्थ्य और उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की व्यवस्था उन्हें संतोषजनक मिली।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पीड़िताओं को समय पर सहायता मिलना बेहद जरूरी है। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। किसी भी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
छात्राओं से संवाद के दौरान भारती सैनी ने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संदेश दिया कि बेटियां किसी भी गलत व्यवहार को सहन न करें और परेशानी होने पर भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित संस्था तक अपनी बात जरूर पहुंचाएं।
Editor: शिवानी राजपूत



