ब्लूमबर्ग पब्लिक स्कूल में जागरूकता अभियान : हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी | नशे के दुष्प्रभावों से किया जागरूक | जिम्मेदार नागरिक बनने का दिया संदेश

पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन जानकारी | नशे के दुष्प्रभावों से किया जागरूक | जिम्मेदार नागरिक बनने का दिया संदेश में जिला पुलिस द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत सेफ सिटी टीम ने ब्लूमबर्ग पब्लिक स्कूल, जोड़ियो नाका के निकट विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के महत्व और उनके सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091, बच्चों की सहायता के लिए 1098, सड़क दुर्घटना एवं यातायात संबंधी सहायता के लिए 1073 तथा साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही करें और झूठी सूचना देकर इनका दुरुपयोग न करें।
एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, भविष्य, परिवार और समाज सभी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने मित्रों और परिवार के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा कहीं भी नशे से संबंधित गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने हेल्पलाइन नंबरों, साइबर अपराध और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे, जिनका एएसआई नीलम ने सरल और व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के अभियान लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ उठा सकें।पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के मार्गदर्शन में जिला पुलिस द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत सेफ सिटी टीम ने ब्लूमबर्ग पब्लिक स्कूल, जोड़ियो नाका के निकट विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सुरक्षा, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में सेफ सिटी टीम की एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के महत्व और उनके सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1091, बच्चों की सहायता के लिए 1098, सड़क दुर्घटना एवं यातायात संबंधी सहायता के लिए 1073 तथा साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग केवल वास्तविक आवश्यकता होने पर ही करें और झूठी सूचना देकर इनका दुरुपयोग न करें।
एएसआई नीलम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, भविष्य, परिवार और समाज सभी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, अपने मित्रों और परिवार के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा कहीं भी नशे से संबंधित गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने हेल्पलाइन नंबरों, साइबर अपराध और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल पूछे, जिनका एएसआई नीलम ने सरल और व्यवहारिक तरीके से उत्तर दिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कानून के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना तथा उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में इस प्रकार के अभियान लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इन महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ उठा सकें।



