नारनौल | मैं कोरियावास मेडिकल कॉलेज : स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव दे मेरे सवालों का जवाब 

रामचन्द्र सैनी
|
महेंद्रगढ़ (नारनौल )

महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज
महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज

नारनौल | क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बना मैं महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज आज अपनी ही हालत बयां कर रहा है। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी मैं पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है। भव्य इमारत तैयार खड़ी है, लेकिन अंदर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में मैं खुद सवाल बनकर सामने आया है और चार अलग-अलग वर्गों से जवाब मांग रहा हूं।

मैं महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज हूं। मेरा पहला सवाल उन लोगों से है, जिन्होंने मेरे नामकरण को लेकर राजनीति और आंदोलन किए। मेरे नाम को लेकर धरना-प्रदर्शन हुए, बयानबाजी हुई और अंततः उन्हें वह नाम अस्पताल के रूप में मिल गया, जो वे चाहते थे। लेकिन आज जब मेरे भीतर बिजली कनेक्शन, दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों और स्टाफ की नियुक्ति जैसे जरूरी काम अधूरे पड़े हैं, तब वे लोग कहीं नजर नहीं आते। क्या अब वे मेरे लिए इन सुविधाओं को दिलाने के लिए भी आवाज उठाएंगे?

मेरा दूसरा सवाल स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और उनके समर्थकों से है। जब मेरी कमियों को मीडिया उजागर करता है, तो मीडिया पर ही आरोप लगा दिए जाते हैं कि खबरें किसी के कहने पर छापी जा रही हैं। लेकिन क्या उन्हें यह नहीं दिखता कि मेरे अंदर पढ़ाई कर रहे प्रथम वर्ष MBBS के 100 छात्र बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं? ये छात्र अपने पहले ही साल में निराशा झेल रहे हैं। क्या उनका भविष्य किसी को दिखाई नहीं देता?

मेरा तीसरा सवाल स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के साथ साथ सत्ता पक्ष के उन तमाम नेताओं से भी है। एक साल बीत जाने के बाद भी मेरे भीतर सबसे जरूरी सुविधा—बिजली कनेक्शन—अब तक पूरा नहीं हो पाया है। आखिर इसकी वजह क्या है? इसके साथ ही मैं केंद्र में बैठे पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी पूछना चाहता हूं कि उनके विभाग की मंजूरी आखिर किस स्तर पर अटकी हुई है, जिसके कारण मैं पूरी तरह शुरू नहीं हो पा रहा। क्या उन्हें मेरी स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं है, और अगर है तो अब तक समाधान क्यों नहीं निकला?

मेरा चौथा और सबसे अहम सवाल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से है। खासकर नांगल चौधरी क्षेत्र की विधायक, जो मेरी क्षेत्र की जनप्रतिनिधि हैं—उन्होंने अब तक मेरी आवाज विधानसभा में क्यों नहीं उठाई? करोड़ों रुपये की लागत से बना यह मेडिकल कॉलेज आखिर उनकी प्राथमिकताओं में क्यों नहीं है? इसके अलावा नारनौल और आसपास के अन्य कांग्रेस नेताओं से भी मैं पूछना चाहता हूं कि वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं और विपक्ष की भूमिका कब निभाएंगे? हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हाल ही में कुछ प्रतिक्रिया जरूर दी है, वो भी पत्रकारों के सवाल पर लेकिन क्या इतना पर्याप्त है? उन्हें खुद मैं दिखाई नहीं देता।

मैं महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज हूं। मैं सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि हरियाणा और आसपास के राजस्थान के लोगों की उम्मीद हूं। लेकिन आज मैं खुद अधूरी सुविधाओं और लापरवाही के कारण संघर्ष कर रहा हूं। अब सवाल यही है कि आखिर कब मेरे भीतर बिजली जलेगी, डॉक्टर आएंगे, दवाइयां उपलब्ध होंगी और मैं वास्तव में मरीजों के इलाज और छात्रों के भविष्य का केंद्र बन पाऊंगा—या फिर मैं यूं ही सियासत और अनदेखी का शिकार बना रहूंगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मल्लिकार्जुन खड़गे को EC का नोटिस, PM मोदी को कहा था ‘आतंकवादी’

|
मल्लिकार्जुन खड़गे को EC का नोटिस, PM मोदी को कहा था 'आतंकवादी'...
Continue Reading

दिल्ली: IRS की बेटी का कत्ल करने वाला आरोपी पकड़ा गया

|
दिल्ली: IRS की बेटी का कत्ल करने वाला आरोपी पकड़ा गया...
Continue Reading

महेंद्रगढ़ | सीजेएम नीलम कुमारी ने की विधिक सेवाओं की समीक्षा | लोक अदालत की तैयारियों पर दिया जोर : मध्यस्थता से मामलों के निपटान पर फोकस | ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

रामचन्द्र सैनी
|
पैनल अधिवक्ताओं व पैरा लीगल वॉलंटियर्स की बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।
पैनल अधिवक्ताओं व पैरा लीगल वॉलंटियर्स की बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने उपमंडल विधिक सेवा समिति महेंद्रगढ़ में मध्यस्थों, पैनल अधिवक्ताओं एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स की बैठक लेकर विधिक सेवाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक के...
Continue Reading
Advertisement

Trending

error: