Kurukshetra News | रोहित की मौत के बाद सड़कों पर उतरे सफाई कर्मचारी : हड़ताल के 33वें दिन निकाला रोष मार्च

नगर परिषद थानेसर के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 33वें दिन भी जारी रही। साथी कर्मचारी रोहित की मौत के बाद कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया और बड़ी संख्या में कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय से सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख बाजारों से रोष मार्च निकालकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपनी लंबित मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई।
नगर परिषद कार्यालय से शुरू हुआ रोष मार्च मेन बाजार, अंबेडकर चौक और पुराने बस स्टैंड सहित शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा। हाथों में तख्तियां लेकर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। शहर में प्रदर्शन करने के बाद कर्मचारी वापस नगर परिषद कार्यालय पहुंचे।

कर्मचारी नेता सुनील लोहाट ने बताया कि रोहित भी सफाई कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल था। उन्होंने दावा किया कि सरकार और अधिकारियों की ओर से जारी किए गए नोटिस को लेकर रोहित तनाव में था। उनके अनुसार रविवार को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कर्मचारियों ने रोहित की मौत की परिस्थितियों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर दबाव या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। रोहित की मौत और कथित तनाव के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सुनील लोहाट ने कहा कि रोहित की याद में निकाला गया मार्च श्रद्धांजलि देने के साथ कर्मचारियों के सरकार और प्रशासन के प्रति विरोध को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे कर्मचारी अपनी मांगों पर स्पष्ट और लिखित निर्णय चाहते हैं।

कर्मचारी नेताओं के मुताबिक मांगों का समाधान नहीं होने के कारण हड़ताल लगातार लंबी होती जा रही है। कर्मचारियों ने दोहराया कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल लंबी खिंचने के साथ सफाई व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि मांगों पर सरकार की ओर से लिखित और स्पष्ट फैसला आने तक वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने दावा किया कि उनके आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है।
आंदोलनरत कर्मचारियों ने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान वे स्वयं सफाई कार्य नहीं करेंगे और दूसरे लोगों से सफाई करवाए जाने का भी विरोध करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ मांगों पर ठोस सहमति बनने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
रोहित की मौत को लेकर कर्मचारियों की ओर से लगाए गए दबाव और तनाव संबंधी आरोप उनके बयान पर आधारित हैं। मौत के कारण को लेकर कोई स्वतंत्र या आधिकारिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं कराया गया है।
Editor: शिवानी राजपूत



