स्वच्छता अभियान को मिली गति : चार स्तरीय कचरा वर्गीकरण पर जोर | गांव-गांव चला जागरूकता अभियान | ग्रामीणों से सहयोग की अपील

हरियाणा स्वच्छता सप्ताह के तहत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले के सभी गांवों में ठोस कचरे के चार स्तरीय वर्गीकरण को लेकर विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान उपायुक्त प्रीति के मार्गदर्शन तथा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण कर वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना रहा।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि घरों में ही कचरे का चार श्रेणियों में वर्गीकरण करने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी और गांव स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनेंगे। उन्होंने सभी ग्रामीणों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने तथा नियमित रूप से कचरे का पृथक्करण कर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को सफल बनाने की अपील की।
अभियान के दौरान ग्राम पंचायतों, ग्राम सचिवों, सरपंचों, स्वच्छाग्रहियों एवं मिशन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा तथा स्वच्छता (सैनिटरी) कचरे को अलग-अलग रखने के महत्व की जानकारी दी। साथ ही ग्रामीणों को वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) बलिंद्र कटारिया ने बताया कि हरियाणा स्वच्छता सप्ताह के दौरान जिले के सभी विकास खंडों में जागरूकता रैलियां, मुनादी, ग्राम सभाएं, घर-घर संपर्क अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि प्रत्येक परिवार ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का पालन करते हुए चार स्तरीय कचरा वर्गीकरण को अपनाए।
इस अवसर पर सरपंच सुनील सैनी, मुकेश देवी, राजेश कुमार, मनीष कुमार, आकाश, ललित सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।



