Yamunanagar News | बच्चों को मोबाइल के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दें अभिभावक : साइबर ठग बना रहे बच्चों को निशाना

आधुनिक डिजिटल दौर में इंटरनेट और मोबाइल फोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ने के बीच जिला पुलिस ने बच्चों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल फोन और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में जागरूक करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई, मोबाइल गेमिंग और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बच्चों को डिजिटल उपकरणों से पूरी तरह दूर रखना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया कि साइबर अपराधी बच्चों को भी निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। विशेष रूप से ऑनलाइन और मोबाइल गेम खेलने वाले बच्चों को फ्री गेम रिवॉर्ड, इन-गेम कॉइन्स और दूसरे आकर्षक ऑफर का लालच देकर संपर्क किया जा सकता है। ऐसे में बच्चों को किसी अनजान व्यक्ति की ओर से मिलने वाले ऑनलाइन ऑफर को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर भी बच्चों से संपर्क करने के मामले सामने आते हैं। बातचीत और दोस्ती के बहाने उनसे निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। बच्चे कई बार जानकारी के महत्व को समझे बिना अपना पता, स्कूल का नाम, मोबाइल नंबर या परिवार से संबंधित दूसरी संवेदनशील जानकारी साझा कर देते हैं। ऐसी जानकारी का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जा सकता है।
जिला पुलिस ने अभिभावकों से कहा है कि बच्चों के साथ डिजिटल सुरक्षा को लेकर नियमित रूप से बातचीत करें। उन्हें सरल भाषा में समझाएं कि इंटरनेट पर हर व्यक्ति या प्रोफाइल पर भरोसा नहीं किया जा सकता। किसी अनजान व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत या परिवार से संबंधित संवेदनशील जानकारी नहीं देनी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने बच्चों को संदिग्ध लिंक, ईमेल, मैसेज और वेबसाइट से सावधान रहने की सलाह देने को भी कहा है। किसी अनजान स्रोत से आए लिंक पर बिना जांच किए क्लिक नहीं करना चाहिए और किसी आकर्षक ऑनलाइन ऑफर के नाम पर मांगी जाने वाली निजी या वित्तीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
एडवाइजरी में इंटरनेट के अनियंत्रित इस्तेमाल से जुड़े जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है। पुलिस के अनुसार साइबर बुलिंग या उम्र के अनुरूप न होने वाली ऑनलाइन सामग्री बच्चों पर नकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के साथ खुला संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि ऑनलाइन किसी परेशानी या असहज स्थिति का सामना होने पर बच्चे बिना डर के इसकी जानकारी दे सकें।
पुलिस ने अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर उम्र के अनुरूप निगरानी रखने की सलाह दी है। बच्चों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ऐप्स और वेबसाइट की जानकारी रखने के साथ डिवाइस में उपलब्ध सुरक्षा और पैरेंटल कंट्रोल सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट से दूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार सिखाना होना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर बच्चों को शुरुआत से जागरूक करना जरूरी है। अभिभावक बच्चों को समझाएं कि ऑनलाइन कोई भी असामान्य गतिविधि, धमकी, संदिग्ध संदेश या निजी जानकारी मांगने वाला व्यक्ति सामने आए तो इसकी जानकारी तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति को दें।
जिला पुलिस ने अभिभावकों से सतर्क रहने और बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सावधानी के जरिए बच्चे इंटरनेट का सकारात्मक एवं सुरक्षित तरीके से उपयोग कर सकते हैं और साइबर अपराधों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Editor: शिवानी राजपूत



