Mahendragarh News | गणित प्रवक्ताओं की पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू : नई शिक्षण तकनीकों पर मिलेगा प्रशिक्षण

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ में मंगलवार को एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में गणित प्रवक्ताओं के लिए पांच दिवसीय विशेष कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का आयोजन संस्थान के प्रिंसिपल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान गणित प्रवक्ताओं को नई शिक्षण तकनीकों और बदलती शैक्षणिक जरूरतों से अवगत कराया जाएगा, ताकि इनका उपयोग कक्षाओं में कर विद्यार्थियों के लिए गणित विषय को अधिक रुचिकर बनाया जा सके।
कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रवक्ताओं के निर्धारित 50 घंटे के प्रशिक्षण लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आयोजित की जा रही है। पांच दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ गणित शिक्षण में नई तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार बदलते समय के साथ शिक्षण के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है। इसी उद्देश्य से गणित प्रवक्ताओं को ऐसी शिक्षण विधियों की जानकारी दी जाएगी, जिनका इस्तेमाल करके विद्यार्थियों को गणित की अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझाया जा सके।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनकी तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और सृजनात्मकता का विकास करना है। प्रशिक्षण में शामिल प्रवक्ताओं को विषय से जुड़े नए बदलावों और आधुनिक शिक्षण तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसमें हासिल की गई जानकारी कक्षाओं तक पहुंचे। शिक्षकों को प्रशिक्षण में प्राप्त नवीनतम शिक्षण विधियों और विषय में हुए सार्थक बदलावों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का उद्देश्य केवल शिक्षकों को जानकारी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उसका प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई में दिखाई देना भी है। इसके लिए प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई विधियों का अपने शिक्षण कार्य में उपयोग करना होगा।
कार्यशाला के पहले दिन गणित प्रवक्ताओं का स्वागत किया गया और उन्हें पूरे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि अलग-अलग सत्रों के माध्यम से गणित शिक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों और नई तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पहले दिन प्रतिभागी प्रवक्ताओं का प्री-टेस्ट भी लिया गया। इसके माध्यम से प्रशिक्षण शुरू होने से पहले उनके विषयगत ज्ञान और संबंधित पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद पोस्ट-टेस्ट के माध्यम से दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके अलावा कार्यशाला की उपयोगिता और प्रशिक्षण के प्रभाव को जानने के लिए इंपैक्ट स्टडी भी की जाएगी। प्री-टेस्ट, पोस्ट-टेस्ट और इंपैक्ट स्टडी के माध्यम से यह आकलन करने का प्रयास किया जाएगा कि प्रशिक्षण से प्रवक्ताओं को कितना लाभ मिला और नई शिक्षण विधियां उनके अध्यापन में कितनी प्रभावी साबित हो सकती हैं।
कार्यशाला में आईएफएससी इंचार्ज डॉ. ईश्वर चंद शर्मा और डीआरयू विंग प्रमुख नरेश कुमार गोयल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने गणित प्रवक्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों और शिक्षण में नवीन प्रयोगों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में गणित प्रवक्ता जितेंद्र यादव, महेश यादव, डॉ. ज्योति खन्ना, डॉ. किरण, डॉ. पूजा और विकास कुमार सहित डाइट के समस्त स्टाफ ने सहयोग दिया। पांच दिवसीय कार्यशाला में आगामी दिनों में भी विभिन्न प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।



