Narnaul News | अभय यादव का तीखा पलटवार : ‘राव तुलाराम के कंधों से उतरकर करें राजनीति’ | 50 साल पर उठाए सवाल
दक्षिण हरियाणा में चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच पूर्व सिंचाई मंत्री अभय सिंह यादव ने एक बार फिर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने राव तुलाराम के नाम और सम्मान को लेकर हो रही राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि महापुरुषों के नाम के सहारे राजनीति करने के बजाय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने राव तुलाराम के नाम की छुट्टी, दिल्ली स्थित राव तुलाराम कॉलेज और हाल में सामने आए विभिन्न राजनीतिक बयानों को लेकर भी सवाल उठाए।
अभय सिंह यादव ने कहा कि जो लोग राव तुलाराम के कंधों पर बैठकर राजनीति करते हैं, उन्हें एक बार उनके कंधों से उतरकर भी राजनीति करके देखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राव तुलाराम के नाम पर राजनीति की जा रही है, लेकिन पिछले करीब 50 साल के राजनीतिक इतिहास में उनके नाम पर किए गए विकास कार्यों का भी हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।

अभय यादव ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि इस दौरान राव तुलाराम के नाम पर कोई बड़ा काम किया गया है तो उसे जनता के सामने बताया जाए। उनका कहना था कि महापुरुषों का सम्मान केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके नाम पर किए गए काम भी जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
पूर्व मंत्री ने दिल्ली स्थित राव तुलाराम कॉलेज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के सहयोग और चंदे से बनाया गया कॉलेज आज बंद क्यों पड़ा है, इसका जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि कॉलेज की मौजूदा स्थिति को लेकर संबंधित लोगों की ओर से आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही है।

अभय सिंह यादव ने राव तुलाराम के नाम की छुट्टी रद्द किए जाने का मुद्दा उठाते हुए हाल में दिए गए ‘सर कटवाने’ संबंधी बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि जब राव तुलाराम के नाम की छुट्टी रद्द हुई थी, तब इसका विरोध क्यों नहीं किया गया। उन्होंने इसे महापुरुषों के सम्मान से जोड़ते हुए राजनीतिक जवाबदेही की बात कही।
‘पेट में दर्द’ वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए अभय यादव ने नांगल चौधरी के राव तुलाराम चौक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में चौक पर हरियाणा का दूसरा सबसे बड़ा तिरंगा लगाया गया। उनके मुताबिक यह राव तुलाराम जैसे शहीद के सम्मान के साथ देश के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।

अभय यादव ने ‘सीधी लड़ाई’ और ‘सेनापति’ से जुड़ी बयानबाजी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक सफर में जनता से जुड़े किन मुद्दों के लिए लड़ाई लड़ी गई, इसका जवाब भी सामने आना चाहिए। उन्होंने व्यक्तिगत राजनीतिक लड़ाई और क्षेत्र के विकास की लड़ाई को अलग बताते हुए कहा कि जनता को यह पता होना चाहिए कि राजनीतिक संघर्ष किस मुद्दे और किसके हित के लिए किया जा रहा है।
पूर्व सिंचाई मंत्री ने कहा कि क्षेत्र का विकास सरकार और संगठन के साथ मिलकर काम करने से होगा। उनके अनुसार व्यक्तिगत राजनीतिक टकराव या किसी महापुरुष के नाम के सहारे राजनीति करने के बजाय जनता से जुड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
अभय सिंह यादव के ये सभी बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं। उनके आरोपों और सवालों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर उनका पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
Editor: शिवानी राजपूत



