Narnaul News | हादसे में घायल का तुरंत शुरू करें इलाज : निजी अस्पतालों को डीसी के निर्देश | 7 दिन तक कैशलेस उपचार

सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए हादसे के बाद का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पैसे की कमी अथवा घायल की पहचान नहीं होने के कारण उपचार में देरी न हो, इसके लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही सड़क दुर्घटना पीड़ित योजनाओं को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है। बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनुपमा अंजली ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्यों, निजी अस्पताल संचालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क हादसे में घायलों का उपचार तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना और अज्ञात वाहन क्षतिपूर्ति योजना (हिट एंड रन) 2022 के प्रावधानों पर चर्चा की गई। डीसी ने संबंधित अधिकारियों और निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि योजनाओं की जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर उपचार मिल सके।

डीसी अनुपमा अंजली ने बताया कि कैशलेस उपचार योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से सात दिनों तक अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कैशलेस रूप से मिलती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को अस्पताल पहुंचाए जाने पर इलाज शुरू करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत निर्धारित सात दिन अथवा अधिकतम डेढ़ लाख रुपये की सीमा के बाद भी यदि उपचार जारी रखने की जरूरत पड़ती है तो आगे के इलाज का खर्च घायल के परिजनों को स्वयं वहन करना होगा।
बैठक में अज्ञात वाहन क्षतिपूर्ति योजना (हिट एंड रन) 2022 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। यह योजना उन सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित है, जिनमें हादसा करने वाला वाहन अथवा चालक मौके से चला जाता है और उसकी पहचान नहीं हो पाती।
डीसी ने बताया कि ऐसे हिट एंड रन मामलों में पीड़ित की मृत्यु होने पर पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिजनों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों से संबंधित योजनाओं की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय कमेटी केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में गठित की गई है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ पात्र सड़क हादसा पीड़ितों तक समय रहते पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को कम करना और घायल को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आईएमए के सदस्यों और निजी अस्पताल संचालकों से कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचते ही आवश्यक उपचार शुरू किया जाए। योजना के अंतर्गत आने वाले मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कैशलेस उपचार का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
डीसी ने कहा कि प्रशासन और सरकार के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी घायल को समय पर इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार जैसी व्यवस्था लागू की गई है।
बैठक में निजी अस्पताल संचालकों से योजनाओं को गंभीरता से लागू करने और अपने संबंधित स्टाफ को भी इनके प्रावधानों एवं प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए कहा गया, ताकि हादसे के बाद अस्पताल पहुंचने वाले घायल को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन ने संबंधित विभागों, आईएमए और निजी अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया। डीसी ने कहा कि सड़क हादसे के बाद शुरुआती समय में तेजी से उपचार मिलने से घायल को बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। इसलिए सभी संबंधित संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं।
Editor: गरिमा बागोतिया



