Narnaul News | जिलेभर में पुलिस का जागरूकता अभियान : साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए | नशे से दूर रहने का संदेश

महेंद्रगढ़ पुलिस ने अपराध की रोकथाम और आमजन को विभिन्न प्रकार के अपराधों से बचाव के प्रति सजग करने के उद्देश्य से जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में पहुंचकर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को साइबर अपराध, नशे के दुष्प्रभाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, आपातकालीन पुलिस सहायता और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देश पर आयोजित किए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों के तहत थाना प्रभारी निरीक्षक सोमबीर ढाका और उनकी टीम ने राजकीय महाविद्यालय निजामपुर में विद्यार्थियों को जागरूक किया। निरीक्षक शारदा और उनकी टीम ने थाना सतनाली क्षेत्र के गांव नंगला एवं सतनाली में लोगों से संवाद किया।

इसी तरह निरीक्षक मीनाक्षी शर्मा और उनकी टीम ने गांव मंडी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को अपराध से बचाव के तरीके बताए। उप निरीक्षक राकेश कुमार और उनकी टीम ने सीएल स्कूल, हुड्डा सेक्टर-1 नारनौल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में होने वाले साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के तरीकों से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्हें बताया गया कि किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और अनजान कॉल अथवा मैसेज पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

विद्यार्थियों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में भी बताया गया। पुलिस टीमों ने कहा कि साइबर ठगी होने पर जल्द शिकायत करना महत्वपूर्ण है।
जागरूकता अभियान में नशे के दुष्प्रभावों पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं को खाली समय का सदुपयोग खेलकूद, पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियों में करने का संदेश दिया गया।

पुलिस ने नशे से संबंधित सहायता अथवा सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी जानकारी दी। युवाओं को बताया गया कि नशे से दूरी बनाकर वे अपने स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
महिला एवं बाल सुरक्षा के तहत विद्यार्थियों को उम्र के अनुरूप व्यक्तिगत सुरक्षा और सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श की बुनियादी जानकारी दी गई। उन्हें किसी भी असहज अथवा संदिग्ध स्थिति में अपने भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या पुलिस से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस टीमों ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम से संबंधित आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया। विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक रहने के साथ दूसरों के प्रति सभ्य एवं जिम्मेदार व्यवहार करने का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान डायल-112 के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने बताया कि किसी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर डायल-112 का उपयोग किया जा सकता है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील भी की गई।
सोशल मीडिया और इंटरनेट के जिम्मेदार उपयोग पर भी पुलिस ने जोर दिया। विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
महेंद्रगढ़ पुलिस के अनुसार इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को अपराध से बचाव के प्रति सजग करने के साथ साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला-बाल सुरक्षा और आपातकालीन पुलिस सेवाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है। पुलिस ने जागरूकता और सतर्कता को अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए लोगों से सहयोग की अपील की।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने विशेष रूप से युवाओं से नशे से दूर रहने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की सहायता लेने का आह्वान किया। साइबर फ्रॉड होने पर हेल्पलाइन 1930 और नशे से संबंधित सहायता एवं सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 का उपयोग करने की जानकारी दी गई
Editor: गरिमा बागोतिया



