नई दिल्ली। रक्षा राज्य मंत्री से मिले CDS जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि : सुरक्षा हालात पर मंथन | रक्षा सुधारों पर हुई अहम चर्चा

नई दिल्ली। देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा सशस्त्र बलों की भविष्य की तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ (CDS) एवं मिलिट्री अफ़ेयर्स विभाग के सचिव जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। 
बैठक के दौरान देश के मौजूदा सुरक्षा हालात की समीक्षा की गई और बदलते वैश्विक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारतीय सशस्त्र बलों की तैयारियों पर विचार-विमर्श हुआ। रक्षा राज्य मंत्री और CDS ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तीनों सेनाओं—थल सेना, नौसेना और वायु सेना—के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
बैठक में रक्षा बलों के एकीकरण, संयुक्त सैन्य ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के अधिक उपयोग, क्षमता विकास, सैन्य संसाधनों के विस्तार और ऑपरेशनल तैयारियों को और बेहतर बनाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे रक्षा सुधारों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 
दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने, अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों को शामिल करने, सैन्य प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। बैठक में यह भी माना गया कि रक्षा सुधारों की गति बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
गौरतलब है कि भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त कमान व्यवस्था, आधुनिक सैन्य उपकरणों की खरीद, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तकनीकी आधुनिकीकरण पर लगातार काम कर रही है। CDS की भूमिका इन सभी प्रयासों के समन्वय और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि भारतीय सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल तैयारी को लगातार मजबूत किया जाएगा और रक्षा सुधारों की प्रक्रिया को गति देकर देश की सैन्य क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। यह मुलाकात राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों के लिए सशस्त्र बलों को तैयार रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



