Bhiwani News | 5700 करोड़ से सुधरेगा नहरी तंत्र : भुरटाना ब्रांच पर 211 करोड़ होंगे खर्च | सुंदर ब्रांच को मिलेंगे 185 करोड़

प्रदेश की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा में वर्ल्ड बैंक की सहायता से 5700 करोड़ रुपये की लागत से नहरी तंत्र के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार का काम किया जा रहा है। इसी योजना के तहत भुरटाना ब्रांच के नवीनीकरण पर 211 करोड़ रुपये और सुंदर ब्रांच पर 185 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास नहरी पानी को अंतिम छोर तक पहुंचाना और टेल क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना है।
सिंचाई मंत्री शनिवार को भिवानी जिले के गांव जमालपुर में टेल तक पानी पहुंचाने की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने के 71वें दिन पहुंची थीं। उनके साथ बवानीखेड़ा के विधायक कपूर वाल्मीकि भी मौजूद रहे। सिंचाई मंत्री की ओर से नहरी परियोजनाओं और पानी की उपलब्धता को लेकर दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित करने की घोषणा की।

अखिल भारतीय किसान सभा की बवानीखेड़ा तहसील कमेटी के प्रधान कामरेड राजेश कुंगड़ ने बताया कि सिंचाई मंत्री की ओर से मिले सकारात्मक भरोसे और रोस्टर के अनुसार पानी चलाने की बात पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की शेष मांगों और नहरी जीर्णोद्धार के कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए आगे भी स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
किसान नेताओं ने सिंचाई मंत्री के सामने मुणक हेड, भुरटाना हेड और हांसी ब्रांच से जुड़े पूरे नहरी तंत्र की सफाई करवाने की मांग भी रखी। किसानों का कहना था कि नहरों की सफाई और पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से टेल तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

धरना स्थल पर किसानों और पत्रकारों से बातचीत में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार अंतिम छोर तक नहरी पानी पहुंचाने को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड बैंक के सहयोग से प्रदेश में 5700 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत नहरों के आधुनिकीकरण और पुनरुद्धार की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसी व्यापक योजना में भुरटाना ब्रांच के नवीनीकरण के लिए 211 करोड़ रुपये और सुंदर ब्रांच के लिए 185 करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से नहरी ढांचे में सुधार करने और पानी के प्रवाह को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।

श्रुति चौधरी ने कहा कि ऑग्मेंटेशन कैनाल की क्षमता बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि नहरी व्यवस्था में सुधार के साथ टेल क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंचे और लंबे समय से पानी की समस्या का सामना कर रहे गांवों को राहत मिले।
सिंचाई मंत्री ने जल संकट के दीर्घकालीन समाधान के लिए ग्राम पंचायतों और किसानों से सहयोग की अपील भी की। उन्होंने कहा कि पंचायतों की ओर से भूमि उपलब्ध कराए जाने पर टेल क्षेत्रों में बड़े जल भंडारण केंद्र विकसित किए जा सकते हैं। इससे कम बारिश या पानी की उपलब्धता घटने की स्थिति में भी जल भंडारण का उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए भी लोगों से सहयोग मांगा। सिंचाई मंत्री ने कहा कि नहरी पानी का सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए किसानों, पंचायतों और विभाग के बीच तालमेल जरूरी है। इससे अंतिम छोर के गांवों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।

इस दौरान प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर श्रुति चौधरी ने कहा कि सरकार का कर्मचारियों के प्रति रुख सकारात्मक और संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा में भी इस विषय पर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को सरकार ने समायोजित करते हुए स्वीकार किया है।
सिंचाई मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास पारदर्शी और बेहतर सुशासन देना है, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने के साथ आम जनता को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कर्मचारियों से जुड़े विषयों पर सरकार की ओर से सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम किए जाने की बात कही।
वहीं, 71 दिनों से चल रहे धरने को स्थगित किए जाने के बाद किसान नेताओं ने साफ किया कि उनकी निगाह नहरी परियोजनाओं के क्रियान्वयन और टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था पर बनी रहेगी। किसानों ने नहरी तंत्र की सफाई और जीर्णोद्धार के कार्यों को समय पर पूरा करने की मांग दोहराई
Editor: गरिमा बागोतिया



