Rewari News | भटसाना में मिट्टी में दबा मिला युवक का शव : डेयरी के पास महिला मजदूर ने देखा | मृतक की पहचान नहीं | फोरेंसिक टीम जांच में जुटी

धारूहेड़ा क्षेत्र के गांव भटसाना में रविवार शाम भैंसों की एक डेयरी के पास मिट्टी में दबा युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार गांव फाजिलपुर निवासी अरुण कुमार वर्तमान में धारूहेड़ा की संतोष कॉलोनी में किराए पर रहता है। उसने गांव भटसाना में करीब 12 एकड़ जमीन लीज पर ली हुई है और वहां भैंसों की डेयरी संचालित की जा रही है। डेयरी पर करीब सात से आठ मजदूर काम करते हैं।

रविवार शाम डेयरी पर काम करने वाली एक महिला मजदूर को परिसर के पास मिट्टी में कुछ संदिग्ध दबा हुआ दिखाई दिया। उसने इसकी जानकारी गांव के सरपंच भूप सिंह को दी। इसके बाद सरपंच ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर धारूहेड़ा थाना प्रभारी फूल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से जांच के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस आसपास के क्षेत्र की भी जांच कर रही है। डेयरी में काम करने वाले मजदूरों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक कौन है और शव यहां तक कैसे पहुंचा।

धारूहेड़ा थाना प्रभारी फूल कुमार के अनुसार प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस हत्या के बाद शव छिपाए जाने की आशंका सहित विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण और पूरे घटनाक्रम के बारे में जांच पूरी होने से पहले कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
मृतक की पहचान पुलिस के सामने फिलहाल बड़ी चुनौती है। पहचान होने के बाद उसके परिवार से संपर्क करने के साथ उसकी हाल की गतिविधियों और भटसाना क्षेत्र तक पहुंचने से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकेगी।

पुलिस फोरेंसिक जांच, पूछताछ और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शव मिलने की सूचना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव मिट्टी में कैसे दबा मिला।
Editor: शिवानी राजपूत



