Rewari News | डेंगू-मलेरिया के मामलों ने बढ़ाई चिंता : डेंगू के 18 और मलेरिया के 5 केस | लार्वा मिलने पर 2000 लोगों को नोटिस
मानसून और उमस भरी गर्मी के बीच जिले में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में डेंगू के 18 और मलेरिया के 5 मामले सामने आए हैं। इसके बाद विभाग ने निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां तेज कर दी हैं। डेंगू का लार्वा मिलने पर करीब 2000 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर घरों और आसपास के स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। जिन स्थानों पर मच्छरों का लार्वा पाया जा रहा है, वहां संबंधित लोगों को नोटिस देकर पानी जमा नहीं होने देने और साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पानी जमा होने वाले स्थानों पर आवश्यक उपचार और फॉगिंग भी करवाई जा रही है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि रेवाड़ी स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया की रोकथाम को लेकर अलर्ट है। डेंगू मरीजों के उपचार के लिए अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। उनके अनुसार जिले में डेंगू के कुल 18 मरीज सामने आए हैं। इनमें एक मरीज अस्पताल में भर्ती है, जबकि बाकी मरीज घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टीमों को नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करने और लार्वा मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ जरूरत के अनुसार फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण संबंधी गतिविधियां भी की जा रही हैं।

डॉ. दीपक वर्मा ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। खासकर पुराने टायर, गमले, बाल्टी, कूलर और अन्य बर्तनों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से बचें। कूलर और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करने की भी सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मच्छरों से बचाव के सामान्य उपाय अपनाने को कहा है। पूरे बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि व्यक्तिगत सावधानी और आसपास सफाई रखकर मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
डिप्टी सीएमओ ने कहा कि बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

विभाग के मुताबिक स्वास्थ्य टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में आवश्यकता महसूस होगी, वहां फॉगिंग और मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करने के लिए अभियान तेज किया जाएगा। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच करें।
मानसून के दौरान पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अभियान में सहयोग करने और घर तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है।
Editor: गरिमा बागोतिया



