पलवल। किसानों को आधुनिक खेती की दी जानकारी : सिहोल में खरीफ फसलों पर कार्यशाला आयोजित | मूंग, कपास व गन्ना उत्पादन बढ़ाने पर जोर

रिपोर्टर: सुन्दर कुंडू
| हरियाणा
दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ करते डॉ. बी.एस. सहरावत व अन्य अतिथि।
दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ करते डॉ. बी.एस. सहरावत व अन्य अतिथि।

पलवल। जिले के गांव सिहोल स्थित धानुका एग्रीटेक रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी सेंटर में शुक्रवार को किसानों के लिए खरीफ फसलों को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बागवानी विभाग हरियाणा के पूर्व निदेशक डॉ. बी.एस. सहरावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर राशि एग्रो इंडस्ट्रीज के टेरिटरी मैनेजर रोहित श्योराण, कार्यकारी बिक्री अधिकारी भागीरथ तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल के बीपीडब्ल्यू सुंदरलाल सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यशाला में किसानों को मूंग, कपास और गन्ना की फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

किसानों को खरीफ फसलों की आधुनिक तकनीकों के बारे में जागरूक करते कृषि विशेषज्ञ

किसानों को खरीफ फसलों की आधुनिक तकनीकों के बारे में जागरूक करते कृषि विशेषज्ञ

डॉ. बी.एस. सहरावत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर पैदावार के लिए मिट्टी की तैयारी, बीजों का सही चयन, बुवाई, सिंचाई और कटाई तक सभी चरणों में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने फसलों में खरपतवार नियंत्रण के उपाय भी बताए और कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उत्पादन में वृद्धि करना है।

कार्यशाला में अतिथियों को सम्मानित करते आयोजक व किसान।

कार्यशाला में अतिथियों को सम्मानित करते आयोजक व किसान।

वहीं कपास की फसल पर जानकारी देते हुए रोहित श्योराण ने बताया कि कपास एक संवेदनशील फसल है, जिसकी सही प्रबंधन के साथ खेती करने पर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को कपास की विभिन्न किस्मों, फसल अवधि और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुवाई के समय गोबर की खाद, डीएपी, एसएसपी और पोटाश का उपयोग फसल के लिए लाभकारी होता है। साथ ही किसानों को फसल में आने वाली बीमारियों और उनके नियंत्रण के उपायों से भी अवगत कराया गया।

कार्यशाला में उपस्थित किसानों ने बताया कि उन्हें मूंग, कपास और गन्ना की खेती से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी मिली है, जिससे वे आधुनिक तरीके से खेती कर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।

Edit By: अंकिता किराड़
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