Fatehabad News | ठेकेदार पर सरपंच प्रतिनिधि को धमकी देने का आरोप : खुद को बताया एडीसी का भाई | सरपंचों ने सौंपा ज्ञापन

रतिया ब्लॉक के अलीपुर बरोटा गांव में विकास कार्य को लेकर सरपंच प्रतिनिधि और ठेकेदार के बीच विवाद का मामला सामने आया है। सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सरोवा ने ठेकेदार नीरज कुमार पर गाली-गलौज, धमकी देने और खुद को एडीसी का भाई बताकर सस्पेंड करवाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर रतिया ब्लॉक के कई सरपंच लामबंद होकर एडीसी कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, अलीपुर बरोटा गांव के बस स्टैंड पर डी-प्लांट के तहत इंटरलॉक और शेड लगाने का काम चल रहा था। सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सरोवा का आरोप है कि यह कार्य बीजेपी मंडल अध्यक्ष अंकित सिंगला की फर्म के नाम पर था और उनकी ओर से भेजे गए ठेकेदार नीरज कुमार ने पंचायत की अनुमति के बिना काम शुरू कर दिया।
मुकेश सरोवा के मुताबिक, उन्होंने मौके पर काम से संबंधित अथॉरिटी लेटर और एस्टीमेट दिखाने के लिए कहा था। उनका आरोप है कि संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए बिना ही काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर करीब डेढ़ से दो फीट मिट्टी भरने के साथ पिलर भी दबा दिए गए।

सरपंच प्रतिनिधि का कहना है कि उन्होंने जब काम के तरीके और पंचायत की अनुमति को लेकर आपत्ति जताई तो ठेकेदार के साथ विवाद हो गया। इसके बाद फोन पर हुई बातचीत को लेकर भी मामला बढ़ गया।
मुकेश सरोवा ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान ठेकेदार नीरज कुमार ने दबंगई दिखाई और खुद को एडीसी का भाई बताते हुए उन्हें सस्पेंड करवाने की धमकी दी। शिकायत में जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मामला सामने आने के बाद रतिया ब्लॉक के कई सरपंच एकजुट हुए और एडीसी कार्यालय पहुंचे। सरपंचों ने अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
मुकेश सरोवा के अनुसार, एडीसी की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित ठेकेदार का उनके साथ भाई का कोई रिश्ता नहीं है। अधिकारियों ने शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विवाद विकास कार्य की अनुमति और काम शुरू करने से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी है। ऐसे में प्रशासनिक जांच में यह देखा जाना बाकी है कि कार्य किस फर्म या एजेंसी के माध्यम से स्वीकृत हुआ था, पंचायत की अनुमति और अन्य दस्तावेज मौजूद थे या नहीं तथा मौके पर काम किस प्रक्रिया के तहत शुरू किया गया।
फिलहाल शिकायत के बाद यह मामला रतिया ब्लॉक में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। वहीं, ठेकेदार नीरज कुमार का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
Editor: शिवानी राजपूत



